आजादी का अमृत महोत्सव: कार्तिक रंग उत्सव की प्रथम संध्या में मंडी के प्रसिद्ध लोकनाट्य बाँठड़ा का मंचन

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

मंडी। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग मंडी तथा आकार थिएटर सोसाइटी मंडी के संयुक्त तत्वाधान में आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत कार्तिक रंग उत्सव की प्रथम संध्या को देव बूढ़ा बणोगी मंदिर प्रांगण, गांव सेहली, मंडी में सोसाइटी फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ़ कल्चर डेवलपमेंट ने मंडी के प्रसिद्ध लोकनाट्य बाँठड़ा का मंचन किया गया।

बाँठड़ा में नाई का स्वांग और शराबी का स्वांग खेला गया। जिसके द्वारा समाज को नशे की बुराइयों से अवगत करवाया गया। दर्शकों ने इसे खूब सराहा। कलाकारों में वेद कुमार, दुर्गा दत्त, लता देवी, खेम चंद, मनुज इत्यादि ने दर्शकों को हंसाकार लोटपोट किया। दूसरा नाटक रंगप्रिया थिएटर सोसाइटी सोलन द्वारा अंतोन चेखव की प्रसिद्ध कहानी ‘डेथ ऑफ़ अ क्लर्क पर आधारित एकल नाटक का मंचन किया गया।

 

इस नाटक का नाट्य रूपान्तरण राजेश कुमार ने किया है। अभिनय तथा निर्देशन हितेश भार्गव द्वारा किया गया। नाटक में एक छोटे ओहदे का सरकारी बाबू बाबूलाल है जो शोले फ़िल्म का दीवाना है।

 

थिएटर में फ़िल्म देखते हुए उसे ज़ोर की छींक आती है जो उसके लिए जान की आफत बन जाती है। माफी मांगने के लिए बाबूलाल की हालत दयनीय और हास्यास्पद बनती जाती है। माफ़ी न मिलने की परेशानी और डर की कीमत बाबूलाल को जान देकर चुकानी पड़ती है। जिस तरह इसकी कहानी सरकारी तंत्र पर एक व्यंग्य है उसी तरह ये नाटक छोटे ओहदे वाले व्यक्ति की मनोदशा को दर्शाता है।

 

उपहास का विषय एक मामूली अधिकारी बिना किसी कारण के लगातार भ्रमित होता है। नाटक व्यक्ति के दमन का विरोध करता है और सामानांतर दृष्टिकोण अपनाने का विचार प्रस्तुत करता है। नाटक में संगीत व सेट दीप कुमार तथा प्रकाश व रूप सज्जा वेद कुमार ने की।