शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा सत्र के समापन के बाद अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से हमने संजीदगी के साथ जनहित के मुद्दों को विधानसभा के इस मानसून सत्र में उठाने का प्रयास किया है। भाजपा ने सार्थक विषयों पर चर्चा चाही और प्रस्ताव भी लाये लेकिन हमारी जनता के मुद्दे ईमानदारी से उठाने के बाबजूद सरकार की तरफ से संतोषजनक जवाब सदन में नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे ही दिल्ली रवाना हुए तो सत्र में बिल्कुल भी गंभीरता नहीं दिखी। अधिकारी दीर्घा खाली रही और केवल एक दो जुनियर अधिकारी ही दिखे और कोई वरिष्ठ अधिकारी सदन में नहीं था। ये हालात बताते हैं कि अब अधिकारी भी समझ गए हैं कि हम चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार में तो अफरा तफ़री का माहौल बना हुआ ही है लेकिन अधिकारियों में भी अब खलबली मची हुई है। मुख्यमंत्री के बाद मंत्री भी दिल्ली भाग गए लगता है कुछ तो बड़ा होने वाला है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऋण लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं और सदन में भी झूठे आंकड़े पेश किए जा रहे हैं जबकि सच्चाई ये है कि आजादी के बाद अब तक जितनी सरकारें रही उन्होंने मेरे पांच साल कार्यकाल पूर्ण करने के बाद 2022 तक 69600 करोड़ ऋण कुल मिलाकर लिया लेकिन इन्होंने तो चार साल में ही 48 हजार करोड़ ऋण ले लिया है। अगर अगले एक वर्ष और सरकार रही तो ये अब तक ऋण लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। आज की तारीख में सुक्खू सरकार 1 लाख 18 हज़ार करोड़ का ऋण ले चुकी है। बाबजूद इसके विकास धरातल पर शून्य है। कर्मचारी और पेंशनर धरने पर हैं। सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। हमारे विधायकों के खिलाफ़ लगातार एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ये जो भी राजनीतिक मंशा से जांच हो रही है भाजपा सरकार आते ही इनकी जांच की भी जांच होगी।











