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जनजातीय क्षेत्रों के विकास में सरकार की नीतिगत योजनाएं बनी वरदान

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आदर्श हिमाचल विशेष रिपोर्ट ।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य का समावेशी विकास करने के लिए अभिनव कदम उठा रही है। सरकार दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के  विकास के लिए संवेदनशील है। प्रदेश में लगभग 5.71 प्रतिशत जनजातीय आबादी हैं। इनका सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के विकास के लिए राज्य योजना का नौ प्रतिशत जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत आवंटित किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में जनजातीय क्षेत्रों के लिए इस कार्यक्रम के तहत 2,386.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह प्रयास सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों को प्रदर्शित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जनजातीय विकास कार्यक्रम के तहत 638.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक पहल करते हुए पांगी घाटी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया है। किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने पांगी के किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती से उत्पादित जौ को 60 रुपये प्रति किलोग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदना भी शुरू कर दिया है। लगभग 40 मीट्रिक टन जौ की खरीद सुनिश्चित की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित हुए हैं। फरवरी 2024 में स्पीति में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना को शुरू किया गया।

 

 

जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्रों में परिवहन क्षेत्र के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए बस और ट्रेवलर वाहनों की खरीद पर पात्र युवाओं को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा सड़क कर पर चार माह की छूट प्रदान की जाएगी। जनजातीय इलाकों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए सरकार निजी क्षेत्र में 100 किलोवाट से दो मेगावाट तक की सौर परियोजना स्थापित करने के लिए पांच प्रतिशत ब्याज उपदान प्रदान करेगी।

 

 

इन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।  पिछले तीन वर्षों में जनजातीय क्षेत्रों में परिवहन, सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण पर लगभग 476 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जनजातीय क्षेत्रों में 3,148 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों का निर्माण किया गया है। क्षेत्र में लगभग 61 प्रतिशत पक्की सड़कें हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बर्फ़ से ढके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिए है ताकि मार्च-अप्रैल में निर्माण कार्यों को शुरू किया जा सकें। किन्नौर में निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निगुलसरी में नई सड़क का निर्माण किया जाएगा।

 

जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निचार, भरमौर, पांगी और लाहौल में चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 1,008 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया हैं। पांगी और कुकुमसेरी में नए परिसरों के लिए आधारशिला रखी गई है। पांगी और लाहौल में निर्माण कार्य प्रगति पर है और भरमौर में इस विद्यालय के निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी है। निचार में अतिरिक्त छात्रावास संबंधी निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनजातीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है और 40.29 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही है। इन क्षेत्रों में दो क्षेत्रीय अस्पताल, छह नागरिक अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन आयुर्वेदिक अस्पताल, 73 आयुर्वेदिक औषधालय, 48 पशु चिकित्सालय, 118 पशु चिकित्सा औषधालय और पांच भेड़ और ऊन विस्तार केंद्र स्थापित किए गए हैं।

Government's policy plans proved to be a boon in the development of tribal areas.
Government’s policy plans proved to be a boon in the development of tribal areas.

जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। किन्नौर में शिपकी-ला में सीमावर्ती पर्यटन शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप  शिपकी-ला में पर्यटकों की संख्या में तीन गुणा वृद्धि हुई है। राज्य सरकार शिपकी-ला से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने के लिए प्रयासरत है और इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया है। तिब्बत के साथ पारंपरिक व्यापारिक गतिविधियां पुनः शुरू करने के प्रयास भी जारी हैं। बौद्ध पर्यटन सर्किट और एस्ट्रो-पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। लाहौल-स्पीति के काज़ा में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारम्भ किया गया है। चंद्रताल, तांदी, काज़ा, रकछम और नाको-चांगो जैसे अनछुए पर्यटक स्थलों को विशेष टूरिज्म योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में भी सतत विकास पर बल देते हुए कार्य योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। इस कड़ी में लांगजा, हिक्किम, मुड और कोमिक जैसे दुर्गम गांवों के 148 घरों में सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम लगाए गए हैं। पांगी घाटी के गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। काज़ा में दो मेगावाट का सोलर पावर संयंत्र क्रियाशील है, जबकि पांगी के धनवास में 1.2 मेगावाट और स्पीति के रोंगटोंग में 2 मेगावाट के सोलर पावर संयंत्र को शीघ्र ही क्रियाशील किया जाएगा।

 

जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ स्वीकृत करने की मांग प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस पर राज्य मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान कर राज्यपाल के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजा है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वनवासी अधिनियम-2006 के तहत सितम्बर, 2025 तक 1,039 पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर और स्पीति के लोगों की सुविधा के लिए रामपुर में जनजातीय भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। नूरपुर जनजातीय भवन शीघ्र ही जनता को समर्पित किया जाएगा।

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प्रदेश सरकार के प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों का अभूतपूर्व विकास हुआ है। जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की प्रति व्यक्ति पर आय राज्य की औसत से अधिक है। इसके साथ-साथ लिंगानुपात के साथ अन्य मापदण्डों भी यह क्षेत्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार की नीतियों और योजनाओं से पंक्ति में खड़े अन्तिम व्यक्ति तक विकास सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग आर्थिक सम्पन्नता और समृद्धि के पथ पर अग्रसर है।

बांग्लादेश में 25 वर्षीय हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या, सात लोग गिरफ्तार

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

हिमाचल प्रदेश । बांग्लादेश में अधिकारियों ने 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर निर्मम हत्या के मामले में 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार ने शनिवार को मैमनसिंह शहर में गुरुवार को हुई इस घटना की त्वरित और गहन जांच के बाद इन गिरफ्तारियों की घोषणा की। इस घटना ने बंगलादेश में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा के आरोपों को लेकर भीड़ ने बेरहमी से हमला किया। वहां हिंसा भड़क उठी और भीड़ ने उस शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसके शरीर को जला दिया गया। इस घटना ने इस क्षेत्र में गहरी जड़ें जमा चुके सांप्रदायिक तनाव को उजागर किया है । इस भयावह घटना से बांग्लादेश में कानून व्यवस्था और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है और इसकी विभिन्न पक्षों ने इसकी निंदा की है।

 

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि की है कि विशेष कानून अनुपालन इकाई रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने हत्या से जुड़े सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने गहन जांच का वादा किया है और सभी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आश्वासन दिया है। बांग्लादेश, एक मुस्लिम बहुल देश है जहां हिंदू अल्पसंख्यक भी आबादी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और यहां छिटपुट सांप्रदायिक हिंसा का इतिहास रहा है। ईशनिंदा के आरोपों की वजह से जनाक्रोश फैलता है और यह कभी-कभी भीड़ को बेहद हिंसक बना देता है। सरकार ने बार-बार सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और धर्म के आधार पर भेदभाव किये बिना नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के महत्व पर जोर दिया है।

युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद बढ़ी राजनीतिक अशांति और भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच भीड़ के हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या करने की यह घटना घटी। इस अशांत दौर में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा बढ़ने को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित भारतीय राजनीतिज्ञों ने गहरी चिंता व्यक्त की है और सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के साथ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।

इस घटना ने आक्रोश को बढ़ा दिया है और बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक असहिष्णुता जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। अंतरिम सरकार स्थिरता बनाए रखने और कानून के शासन को कायम रखने का प्रयास कर रही है, वहीं अधिकारियों पर घृणास्पद अपराधों से निर्णायक रूप से निपटने और अशांति को और ज्यादा बढ़ने से रोकने का दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि ये गिरफ्तारियां हिंदू युवक की हत्या के मामले में जवाबदेही की दिशा में एक शुरूआती कदम हैं, लेकिन पर्यवेक्षक अल्पसंख्यक समुदायों के बीच विश्वास को फिर से स्थापित करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर देते हैं।

सभी बच्चे पढ़ाई जारी रखो, आपका भविष्य हम बनाएंगे, वीडियो कॉल कर बोले CM

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार शाम जिला चंबा की भजोतरा पंचायत के मटवाड़ गांव के बेसहारा बच्चों के साथ वीडियो कॉल के जरिए बात की। मुख्यमंत्री ने निशा के साथ बात करते हुए कहा कि चारों बच्चों की पढ़ाई सीसीआई केंद्र से जारी रखवाई जाएगी। उनकी शिक्षा और रहन-सहन का सारा खर्च सरकार उठाएगी व आपका भविष्य हम बनाएंगे।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा एक भाई आपका चेन्नई में है, उसे भी आप हिमाचल बुला लें। आप चारों बच्चों को सरकार की योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। निशा ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है, उसे फिर से शुरू करते हुए 11वीं और 12वीं की शिक्षा हासिल करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन के ऊपर लोन भी चल रहा है, उसका भी हल निकाला जाएगा।

3–5 जनवरी 2026 | शिमला उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में किया जा रहा है

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला ।उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जिससे वे एक ओर प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों तक पहुंच बना सकें और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में निर्मित स्थानीय व पारंपरिक उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन कर सकें।

 

यह महोत्सव प्रदेश के नवोदित एवं स्थापित उद्यमियों तथा स्टार्ट-अप्स के लिए एक जीवंत मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां वे अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे, खरीदारों एवं निवेशकों से संवाद स्थापित कर सकेंगे, एमएसएमई इकोसिस्टम साझेदारों से जुड़ सकेंगे तथा व्यापार विस्तार के लिए नए सहयोगों की संभावनाएं तलाश सकेंगे।

 

यह आयोजन मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश की प्राथमिक पहल है, जिसका उद्देश्य निवेश सुविधा, महिला उद्यमिता और उद्यम संवर्धन पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से राज्य में समावेशी औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना है। महोत्सव में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त माननीय उद्योग मंत्री, भारत सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि (एमओएमएसएमई, नीति आयोग, डीपीआईआईटी) तथा राज्य और केंद्र सरकार के अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

 

3 जनवरी 2026 को महोत्सव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा माननीय उद्योग मंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के दौरान स्टार्ट-अप पुरस्कार एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके उपरांत एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश भर के कलाकारों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

 एमएसएमई फेस्ट 2026 | 3–5 जनवरी 2026 | शिमलाउद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जिससे वे एक ओर प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों तक पहुंच बना सकें और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में निर्मित स्थानीय व पारंपरिक उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन कर सकें।
यह महोत्सव प्रदेश के नवोदित एवं स्थापित उद्यमियों तथा स्टार्ट-अप्स के लिए एक जीवंत मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां वे अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे, खरीदारों एवं निवेशकों से संवाद स्थापित कर सकेंगे, एमएसएमई इकोसिस्टम साझेदारों से जुड़ सकेंगे तथा व्यापार विस्तार के लिए नए सहयोगों की संभावनाएं तलाश सकेंगे।
यह आयोजन माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश की प्राथमिक पहल है, जिसका उद्देश्य निवेश सुविधा, महिला उद्यमिता और उद्यम संवर्धन पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से राज्य में समावेशी औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना है। महोत्सव में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त माननीय उद्योग मंत्री, भारत सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि (एमओएमएसएमई, नीति आयोग, डीपीआईआईटी) तथा राज्य और केंद्र सरकार के अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
3 जनवरी 2026 को महोत्सव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा माननीय उद्योग मंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के दौरान स्टार्ट-अप पुरस्कार एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके उपरांत एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश भर के कलाकारों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव के पहले दिन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला एवं बुनाई विरासत को दर्शाने वाली हस्तनिर्मित शॉलों की विशेष प्रदर्शनी होगी। इसके अतिरिक्त, पूरे तीनों दिनों तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स एवं प्रदर्शनी स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे।
माननीय उद्योग मंत्री ने अवगत कराया कि राज्य में औद्योगिकीकरण की गति को तेज करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, एआई एवं इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, डेटा सेंटर तथा अन्य उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों के अग्रणी उद्योगपतियों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किया जा रहा है, ताकि हिमाचल प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित किया जा सके। साथ ही, आगामी नई औद्योगिक नीति के संदर्भ में भी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी।
उद्योग निदेशक ने जानकारी दी कि महोत्सव के दौरान स्टार्ट-अप संवर्धन, महिला उद्यमिता, तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) पर केंद्रित खरीदार-विक्रेता बैठकों सहित विषयगत ज्ञान-विनिमय सत्र एवं नेटवर्किंग संवाद आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ वॉलमार्ट, अमेज़न, जीआई-टैग्ड प्लेटफॉर्म एवं ओएनडीसी जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के साथ संपर्क स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधिमंडल भी सीईओ स्तर की बैठकों में भाग लेने की संभावना है।
महोत्सव की तैयारियों के संबंध में श्री आर.डी. नज़ीम (आईएएस), अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. यूनुस (आईएएस), उद्योग निदेशक, श्री तिलक राज शर्मा, अतिरिक्त निदेशक, सुश्री दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक, तथा श्री अनिल ठाकुर, संयुक्त निदेशक उपस्थित रहे। बैठक में महोत्सव के सफल आयोजन हेतु स्पष्ट कार्ययोजना तैयार
एमएसएमई फेस्ट 2026 | 3–5 जनवरी 2026 | शिमला
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में किया जा रहा है

महोत्सव के पहले दिन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला एवं बुनाई विरासत को दर्शाने वाली हस्तनिर्मित शॉलों की विशेष प्रदर्शनी होगी। इसके अतिरिक्त, पूरे तीनों दिनों तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स एवं प्रदर्शनी स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे।

 

माननीय उद्योग मंत्री ने अवगत कराया कि राज्य में औद्योगिकीकरण की गति को तेज करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, एआई एवं इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, डेटा सेंटर तथा अन्य उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों के अग्रणी उद्योगपतियों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किया जा रहा है, ताकि हिमाचल प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित किया जा सके। साथ ही, आगामी नई औद्योगिक नीति के संदर्भ में भी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी।

 

उद्योग निदेशक ने जानकारी दी कि महोत्सव के दौरान स्टार्ट-अप संवर्धन, महिला उद्यमिता, तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) पर केंद्रित खरीदार-विक्रेता बैठकों सहित विषयगत ज्ञान-विनिमय सत्र एवं नेटवर्किंग संवाद आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ वॉलमार्ट, अमेज़न, जीआई-टैग्ड प्लेटफॉर्म एवं ओएनडीसी जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के साथ संपर्क स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधिमंडल भी सीईओ स्तर की बैठकों में भाग लेने की संभावना है।

 

महोत्सव की तैयारियों के संबंध में श्री आर.डी. नज़ीम (आईएएस), अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. यूनुस (आईएएस), उद्योग निदेशक,  तिलक राज शर्मा, अतिरिक्त निदेशक,  दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक, तथा  अनिल ठाकुर, संयुक्त निदेशक उपस्थित रहे। बैठक में महोत्सव के सफल आयोजन हेतु स्पष्ट कार्य योजना तैयार करना ।

राजनीति के तहत ग्रामीण गरीबों व असहाय लोगों को काम के अधिकार के कानून से बंचित कर रही है- विनय कुमार

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

शिमला । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस 22 दिसम्बर सोमवार को शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने व इसके मूल उद्देश्य को कमजोर करने के विरोध में धरना प्रदर्शन करेगी। इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश मामलों के सह प्रभारी चेतन चौहान व विदित चौधरी सहित प्रदेश कांग्रेस के नेता व पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सभी नेताओं, पूर्व पीसीसी व जिला ब्लॉकों ,अग्रणी संगठनों के सभी नेताओं सहित शिमला नगर निगम के सभी पार्षदों व पूर्व पार्षदों को इस धरना प्रदर्शन में शामिल होने को कहा है।

 

विनय कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा केंद्र की पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब व मजदूरों के लिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई महत्वकांक्षी योजना के मनरेगा का नाम बदलने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने इस का नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम का अपमान तो किया ही है साथ मे इसे कमजोर भी कर दिया है।

 

विनय कुमार ने कहा है कि भाजपा एक सोची समझी राजनीति के तहत ग्रामीण गरीबों व असहाय लोगों को काम के अधिकार के कानून से बंचित कर रही है। उन्होंने प्रदेश के लोगों का इस नए बिल का डटकर विरोध करने का आह्वान करते हुए कहा है कि कांग्रेस गरीब व असहाय लोगों के अधिकारों के लड़ाई से कभी पीछे नही हटेगी।

बौद्ध संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय अल्पसंख्यक  कार्य  मन्त्री  किरेन रिजिजू  से   मिला

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 
नई दिल्लीहिमाचल प्रदेश के  बौद्ध संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा अनुसूचित जन   जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  युव राज बोध के नेतृत्व में  केन्द्रीय अल्पसंख्यक  कार्य  मन्त्री  किरेन रिजिजू के साथ   नई दिल्ली    में  उनके आबास   में मिला ।
इस प्रतिनिधिमण्डल में हिमाचल प्रदेश के प्रमुख गोम्पा के लामा , चोमो और बौद्ध भिक्षुओं के इलाबा राज्य के जन जातीय क्षेत्रों में बौद्ध सांस्कृति के उत्थान के लिए कार्य करने बाले  गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे ।
 
  भाजपा अनुसूचित जन   जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  युव राज बोध  ने बताया की प्रतिनिधिमण्डल ने    केन्द्रीय अल्पसंख्यक  कार्य  मन्त्री  किरेन रिजिजू  से गोम्पाओ के संरक्षण के लिए  उचित बजट आबंटित करने का अनुरोध किया । उन्होंने राज्य में बौद्ध भाषा के प्रसार के लिए केन्द्रीय संसथान खोलने के मांग की । उन्होंने राज्य में बोध संस्कृति  के उथान के लिए केन्द्र सरकार की बिभिन्न योजनाओ के अन्तर्गत राज्य को उदार सहायता प्रदान करने के मांग की ।
  केन्द्रीय अल्पसंख्यक  कार्य  मन्त्री  किरेन रिजिजू  ने उनकी मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और उचित कार्यबाई का आश्वासन  दिया ।
इस अबसर पर  केन्द्रीय अल्पसंख्यक  कार्य  मन्त्री  किरेन रिजिजू का परम्परिक बौद्ध तरीके से स्वागत  किया गया 

 

जरूरतमंदों के चेहरों में मुस्कुराहट लाने के लिए उठाया यह कदम – सुरेंद्र शर्मा

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

शिमला । कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट (SUET), शिमला एवं सेवार्थ विद्यार्थी (SFS) के संयुक्त तत्वावधान में 20 और 21 दिसंबर को शिमला शहर के विभिन्न हिस्सों में ‘वस्त्र बैंक’ लगाया जा रहा है । इस सामाजिक एवं मानवीय पहल के अंतर्गत शिमला शहर के दस प्रमुख स्थानों पर वस्त्र संग्रह केंद्र लगाए गए, जहां आम नागरिकों द्वारा दान किए गए गर्म एवं उपयोग योग्य कपड़े एकत्र किए जा रहे हैं। इन वस्त्रों का वितरण 25 दिसंबर से शिमला शहर व आसपास के जरूरतमंद क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को किया जाएगा।

 

इस वस्त्र बैंक में समाज के विभिन्न तपके के लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसमें अनेकों पुराने साफ एवं नए गर्म कपड़े एवं कंबल इत्यादि दान किए। वस्त्र बैंक हेतु जिन स्थानों को चयनित किया गया है, उनमें संजौली बस स्टैंड, SDA कॉम्प्लेक्स कुसुम्पटी, न्यू शिमला सेक्टर-2, पुराना बस स्टैंड, लॉन्गवुड (आरकेएमवी कॉलेज के समीप), टुटू चौक, समरहिल चौक, मिडल सांगटी, टीचर्स कॉलोनी एवं चौड़ा मैदान शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर ट्रस्ट, सेवार्थ विद्यार्थी तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा समन्वय स्थापित कर वस्त्र संग्रह की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता निभा सकें।

 

इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट गर्मियों में भी वस्त बैंक लगता है जिसमें गर्मीओ के कपड़े एकत्रित करता है और सर्दियों में सर्दियों के कपड़े एकत्रित करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि “वस्त्र बैंक केवल कपड़े इकट्ठा करने की एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और सेवा भावना को सशक्त करने का माध्यम है। ठंड के मौसम में कई परिवार ऐसे होते हैं, जिनके पास पर्याप्त गर्म वस्त्र नहीं होते। ऐसे में समाज का दायित्व बनता है कि वह आगे आकर उनकी सहायता करे।” उन्होंने आगे कहा कि “ट्रस्ट एवं सेवार्थ विद्यार्थी का प्रयास है कि एकत्रित किए गए सभी वस्त्र साफ, सलीके से वर्गीकृत कर उन लोगों तक पहुंचाए जाएं, जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता है। 25 दिसंबर से वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी जरूरतमंद ठंड में असहाय न रहे।

 

प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने शिमला के नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने घरों में उपलब्ध अतिरिक्त, स्वच्छ एवं पहनने योग्य गर्म कपड़े वस्त्र बैंक में दान कर इस अभियान को सफल बनाएं। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं सेवार्थ विद्यार्थी की यह पहल सामाजिक समरसता, सेवा और करुणा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह अभियान न केवल जरूरतमंदों को सर्दी से बचाने का कार्य करेगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी देगा कि जब सेवा भाव के साथ प्रयास किए जाते हैं, तो छोटी-सी पहल भी बड़े परिवर्तन का कारण बन सकती है।

 

आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि शिमला शहर के जागरूक नागरिक इस अभियान को अपना पूर्ण सहयोग देंगे और इस सर्दी में जरूरतमंदों के जीवन में गर्माहट व उम्मीद की नई किरण बनेंगे।

 

खेल युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम — कर्ण नंदा

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला ।  Clash of Arm League द्वारा आयोजित आर्म रेसलिंग टूर्नामेंट का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना, शारीरिक मजबूती, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान खेल प्रेमियों और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

 

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजकों को इस सफल और अनुकरणीय आयोजन के लिए बधाई दी तथा युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी और सकारात्मक माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि खेल के मैदान में अपनी ऊर्जा लगाएगा तो वह न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनेगा, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत होगा।

 

कर्ण नंदा ने अपने संबोधन में खेलो भारत नीति–2025 (Khelo Bharat Niti 2025) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह रूपांतरित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि इस नीति के पांच प्रमुख स्तंभ हैं—
वैश्विक उत्कृष्टता प्राप्त करना, आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, सामाजिक समावेशन एवं स्वास्थ्य, खेलों को जन आंदोलन बनाना तथा खेलों को शिक्षा के साथ एकीकृत करना।

 

उन्होंने कहा कि आर्म रेसलिंग जैसे आयोजन इन लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार करने में अहम भूमिका निभाते हैं और युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी शुक्ल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजनों को निरंतर और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल न केवल स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं, बल्कि युवाओं को नेतृत्व और अनुशासन की सीख भी देते हैं।

 

इस आर्म रेसलिंग टूर्नामेंट में प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। आयोजकों ध्रुव ठाकुर, शिवेन ठाकुर, दीपांकर नेगी, उदय ठाकुर, शुभम ठाकुर और राहुल ठाकुर की टीम ने पूरे कार्यक्रम को अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न कराया। दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों ने आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया, जिससे युवाओं को स्वस्थ, सशक्त और नशा-मुक्त समाज की दिशा में प्रेरित किया जा सके।

एसएसबी स्थापना दिवस के अवसर पर डीजी एसएसबी से शिष्टाचार भेंट

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

कांगडा (ज्वालाजी)  एसएसबी के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर महानिदेशक, एसएसबी से शिष्टाचार भेंट की गई। इस अवसर पर चंबा से  के. एस. मारह सहित अनेक वरिष्ठ पूर्व सैनिक उपस्थित थे।

 

विचार-विमर्श के दौरान निम्नलिखित बिंदु उठाए गए:. सापरी में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर की स्थापना:
सापरी में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 3–4 कक्ष उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। माननीय डीजी एसएसबी ने इस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकार किया तथा सुझाव दिया कि संबंधित विभाग द्वारा उन्हें औपचारिक पत्र भेजा जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

 

. सीएलएमएस (CLMS) का एकीकरण:
सीएलएमएस के एकीकरण के कारण अन्य बलों की कैंटीनों से मदिरा कोटा प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों का विषय उठाया गया। इस पर डीजी ने अवगत कराया कि सीएलएमएस का एकीकरण लगभग पूर्ण हो चुका है तथा उन्होंने दिल्ली लौटने के पश्चात नवीनतम स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का आश्वासन दिया।.

 

मोबाइल कैंटीन का संचालन:
विशेष रूप से चंबा एवं शिमला जिलों के दूरदराज़ क्षेत्रों में मोबाइल कैंटीन के संचालन का मुद्दा उठाया गया। इस पर डीजी एसएसबी ने इस विषय पर विचार करने का आश्वासन दिया।

 

 

पूर्व सैनिकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने एवं अपना बहुमूल्य समय देने हेतु हम सभी ने डीजी एसएसबी का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, फागली में दो दिवसीय सांस्कृतिक-शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

शिमला । राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, फागली में  दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. मुकेश शर्मा रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा और गरिमा में वृद्धि हुई।

 

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, संस्कृत भाषा के संरक्षण तथा बौद्धिक विकास को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर श्लोकोच्चारण, संस्कृत गीतिका, सूत्रान्ताक्षरी, लघु प्रश्नोत्तरी, एकल नृत्य एवं सामूहिक नृत्य जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

 

 

इन प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह, आत्मविश्वास एवं अनुशासन के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने पूरे महाविद्यालय परिसर को शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

 

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है तथा संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों एवं आयोजन से जुड़े शिक्षकगण की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

 

 

कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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