14 साल की कामयाबी का जश्न, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिला सम्मान

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को अपने 14वें स्थापना दिवस के साथ शिक्षक दिवस भी उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान तथा विश्वविद्यालय की विकास यात्रा में योगदान देने वाले लोगों के अभिनंदन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

 

सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा। विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। इसके बाद आयोजित स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी एकत्रित हुए और संस्थान की 14 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा का उत्सव मनाया।

समारोह का मुख्य संदेश सराहना, सम्मान और योगदान की पहचान रहा। विश्वविद्यालय की यात्रा के सफल और चुनौतीपूर्ण दोनों चरणों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यह संदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया—
“एक मजबूत संगठन तब मजबूती से खड़ा रहता है, जब उसके नेतृत्वकर्ता उन लोगों को पहचानते और सम्मान देते हैं, जो उसकी नींव को मजबूत बनाते हैं।

 

समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने 14 वर्षों के सफर में अनेक चुनौतियों और उपलब्धियों का सामना किया है, लेकिन इसकी शैक्षणिक प्रगति निरंतर जारी रही। उन्होंने कहा कि शिमला विश्वविद्यालय आज न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी शिक्षा का पसंदीदा केंद्र बनकर उभरा है।

 

उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में विश्वविद्यालय का विशेष फोकस अनुसंधान, रोजगार, रोजगार सृजन तथा विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के विकास पर रहेगा।

 

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के लिए उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाएं देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र, पदक एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।

 

नवनियुक्त कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर शर्मा ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई दी और समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। विद्यार्थियों ने पारंपरिक नाटी, पंजाबी और कांगड़ी नृत्य के साथ-साथ ‘सुस्वागतम’ स्वागत प्रस्तुति देकर समारोह में हिमाचली एवं भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रत्येक सांस्कृतिक टीम को उनके उत्साहपूर्ण प्रदर्शन एवं समारोह में योगदान के लिए ₹5,100 की नकद राशि देकर सम्मानित किया।

 

 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. आर.एल. शर्मा ने शिक्षा संस्थान के विकास में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों का समर्पित योगदान विश्वविद्यालय की 14 वर्षों की यात्रा की मजबूत रीढ़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उन्हें वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार किया है।

 

कार्यक्रम का समापन डीन फैकल्टी डॉ. अश्वनी शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा संस्थान की विकास यात्रा से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके योगदान को सराहा।

 

इस अवसर पर प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. रमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन फैकल्टी डॉ. अश्वनी शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. ज्योत्सना, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा, डीन फॉरेंसिक साइंस डॉ. टीना शर्मा, डीन मैनेजमेंट डॉ. नीति नाग, डायरेक्टर एडमिशन उषा चौहान, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन अफजल खान सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हृदय चिकित्सा में बड़ी कामयाबी: IGIMS पटना ने सफलतापूर्वक की पहली TAVI प्रक्रिया

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

पटना/ शिमला। गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS), पटना ने अपना पहला ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) प्रोसीजर सफलतापूर्वक किया है, जो इंस्टीट्यूट में एडवांस्ड कार्डियक केयर में एक अहम उपलब्धि है। यह प्रोसीजर IGIMS के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और हेड, सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवि विष्णु प्रसाद ने किया।

 

TAVI प्रोसीजर एक 77 साल के पुरुष मरीज़ पर किया गया, जो गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस और कई को-मॉर्बिड बीमारियों से पीड़ित थे। वह COPD और एडवांस्ड प्रोस्टेट बीमारी से पीड़ित थे। पिछले साल, उनकी LAD में एंजियोप्लास्टी हुई थी। मरीज़ की हार्ट पंपिंग कैपेसिटी भी कम हो गई थी, और लेफ्ट वेंट्रिकुलर इजेक्शन फ्रैक्शन लगभग 30% था।

 

एओर्टिक स्टेनोसिस एक ऐसी कंडीशन है जिसमें दिल का एओर्टिक वाल्व पतला हो जाता है, जिससे दिल से शरीर के बाकी हिस्सों में खून का नॉर्मल फ्लो मुश्किल हो जाता है। गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस वाले मरीज़ों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में तकलीफ, थकान और फिजिकल एक्टिविटी करने की क्षमता में कमी महसूस हो सकती है।

TAVI एक मिनिमली इनवेसिव ट्रीटमेंट है जिसमें कन्वेंशनल ओपन-हार्ट सर्जरी करने के बजाय कैथेटर के ज़रिए एक नया हार्ट वाल्व डाला जाता है। नया वाल्व आमतौर पर कमर में एक आर्टरी के ज़रिए डाला जाता है और मरीज़ के डैमेज एओर्टिक वाल्व के अंदर लगाया जाता है। एक बार लगाने के बाद, नया वाल्व काम करना शुरू कर देता है और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करता है।

 

TAVI उन मरीज़ों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिन्हें अपनी उम्र, मेडिकल कंडीशन या ओवरऑल हेल्थ की वजह से ओपन-हार्ट सर्जरी से ज़्यादा रिस्क हो सकता है। TAVI और सर्जिकल वाल्व रिप्लेसमेंट के बीच चुनाव एक स्पेशल हार्ट टीम मरीज़ की हेल्थ, दिल की कंडीशन, एनाटॉमी और सर्जिकल रिस्क को ध्यान में रखकर करती है।

 

IGIMS में पहले TAVI प्रोसीजर के लिए, 24.5 mm MyVal ट्रांसकैथेटर हार्ट वाल्व का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया। वाल्व को मिनिमली इनवेसिव कैथेटर-बेस्ड प्रोसीजर के ज़रिए डिलीवर किया गया और मरीज़ के नेटिव एओर्टिक वाल्व के अंदर सफलतापूर्वक लगाया गया।

 

यह सफल प्रोसीजर IGIMS में स्ट्रक्चरल हार्ट और वाल्वुलर हार्ट डिज़ीज़ प्रोग्राम को मज़बूत करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है। इससे बिहार और आस-पास के इलाकों में गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस वाले मरीज़ों के लिए एडवांस्ड इलाज के ऑप्शन की उपलब्धता बढ़ेगी।
इस उपलब्धि पर कमेंट करते हुए, डॉ. रवि विष्णु प्रसाद ने कहा, “IGIMS में पहले TAVI का सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे इंस्टीट्यूशन और बिहार में एडवांस्ड कार्डियक केयर के लिए एक अहम मील का पत्थर है। यह कॉम्प्लेक्स वाल्वुलर हार्ट डिज़ीज़ वाले मरीज़ों के लिए मॉडर्न, मिनिमली इनवेसिव इलाज के ऑप्शन लाने और इस इलाके में एडवांस्ड कार्डियक थेरेपी तक पहुंच बढ़ाने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है।

 

यह उपलब्धि भारत में एडवांस्ड ट्रांसकैथेटर हार्ट वाल्व ट्रीटमेंट की बढ़ती उपलब्धता को भी दिखाती है। अपना पहला TAVI प्रोसीजर सफलतापूर्वक पूरा करने के साथ, IGIMS ने पूरी ट्रांसकैथेटर वाल्व ट्रीटमेंट सर्विस डेवलप करने और बिहार और आस-पास के इलाकों के मरीज़ों को एडवांस्ड कार्डियक केयर देने की दिशा में एक ज़रूरी कदम उठाया है।

जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर देश को बांटने की राजनीति स्वीकार्य नहीं, राष्ट्रीय एकता हम सभी की जिम्मेदारी : डॉ. राजीव बिंदल

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को शिमला के बालूगंज चौक पर स्थानीय लोगों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्कियां लेते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। कागज के कप में चाय पीते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को आपस में जोड़ने और संवाद का एक सशक्त माध्यम भी है।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारत में चाय अलग-अलग तरीकों से पी जाती है। चाय लोगों के मिलने, बैठने और विचार साझा करने का माध्यम बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चाय के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी जुड़ा हुआ है और आज चाय पर चर्चा जनसंवाद का प्रतीक बन चुकी है।

 

उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया के अनेक हिस्सों में आर्थिक चुनौतियां दिखाई दे रही हैं, लेकिन भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज हुई है। यह पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है। उन्होंने देशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

 

डॉ. बिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता को सकारात्मक दृष्टि से देखने के बजाय वे ऐसे विषय सामने लाते हैं, जिनसे समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा होता है। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी को कागज के कप और दूसरे प्रकार के कप में भी विभाजन दिखाई देने लगा है।

 

उन्होंने कहा कि बालूगंज में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ बैठकर उसी कागज के कप में चाय का आनंद ले रहे हैं। प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद कागज के कप का उपयोग आम हो गया है और सामान्य आयोजनों से लेकर बड़े सामाजिक एवं वैवाहिक समारोहों तक इनका व्यापक इस्तेमाल होता है। ऐसे सामान्य विषयों को सामाजिक विभाजन से जोड़ना उचित नहीं है।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि देश को एकजुट रखना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। राजनीति में मतभेद और विचारों का अंतर हो सकता है, लेकिन ऐसी किसी भी गतिविधि या बयानबाजी से बचना चाहिए जो जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटने का काम करे।

 

कांग्रेस द्वारा शिमला में किए गए प्रदर्शन और राहुल गांधी की लोकप्रियता से जुड़े सवाल के जवाब में डॉ. बिंदल ने कहा कि कोई नेता लोकप्रिय होता है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “वह बहुत लोकप्रिय हों, हमें भी आनंद की अनुभूति होगी, लेकिन जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर देश को बांटने की नीति से देश को नुकसान होता है और कांग्रेस को यह समझने की आवश्यकता है।”

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखने और समर्थन प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है और देश को आगे ले जाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर देश को बांटने वाली कोई भी गतिविधि स्वीकार्य नहीं हो सकती।

 

इस अवसर पर भाजपा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पायल वैद्य, अमित ठाकुर, किरण बावा, कर्ण नंदा, सुदीप महाजन, संजय सूद, प्रेम ठाकुर और राजीव पंडित सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

ऑकलैंड हाउस स्कूल के सीनियर सेक्शन स्पोर्ट्स डे में पुरातन छात्रा डीएसपी गीतांजलि ठाकुर रहीं मुख्य अतिथि

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । ऑकलैंड हाउस स्कूल, शिमला के सीनियर सेक्शन में बुधवार को वार्षिक स्पोर्ट्स डे बड़े उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रतिष्ठित पुरातन छात्रा एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) तथा आईजीपी, सदर्न रेंज की स्टाफ ऑफिसर सुश्री गीतांजलि ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

 

अपने पुराने विद्यालय में पहुंचने पर मुख्य अतिथि का विद्यालय की डायरेक्टर प्रिंसिपल सुश्री स्मारकी सामंतराय तथा ऑकलैंड हाउस स्कूल फॉर बॉयज़ के प्रिंसिपल श्री रूबेन जॉन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि को औपचारिक स्वागत के साथ आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण चारों हाउस मैथ्यू, ड्यूरेंट, लेफ्रॉय और फ्रेंच का शानदार मार्च पास्ट रहा। विद्यार्थियों ने अनुशासन और तालमेल का परिचय देते हुए विद्यालय के पाइप बैंड द्वारा प्रस्तुत “स्कॉटलैंड द ब्रेव” और “सारे जहां से अच्छा” की धुनों पर कदमताल की। इसके बाद एनसीसी कैडेट्स की प्रभावशाली प्रस्तुति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।

 

स्पोर्ट्स डे के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगारंग और शारीरिक दक्षता से भरपूर प्रस्तुतियां दीं। डम्बल, लेजियम और रंग-बिरंगी रिबन लगी स्टिक्स के साथ पीटी डिस्प्ले ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने जिम्नास्टिक, योग, एरोबिक्स और कराटे में भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया।

 

प्रतियोगिताओं में ग्रुप ए के लिए ऑब्स्टेकल रेस और स्किपिंग रिले, जबकि ग्रुप बी और सी के लिए बैटन रिले और बॉल रिले आयोजित की गईं। कार्यक्रम में अभिभावकों और अतिथियों के लिए भी विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

स्पेशल लेडीज़ रेस में सुश्री स्वाति चौहान दत्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया। सुश्री पूनम बिरता दूसरे और सुश्री कुसुम शर्मा तीसरे स्थान पर रहीं।

 

वहीं, स्पेशल जेंटलमैन रेस में श्री हेमंत मेहता विजेता बने। श्री जनेश गुप्ता ने दूसरा तथा श्री अमित कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

 

कार्यक्रम की एक अन्य रोमांचक प्रतियोगिता स्टूडेंट्स वर्सेज टीचर्स रही, जिसमें विद्यार्थियों ने शिक्षकों को पराजित कर जीत दर्ज की। इस मुकाबले ने दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया।

 

व्यक्तिगत पुरस्कारों में रियाना नेगी को ग्रुप ए का बेस्ट जिम्नास्ट घोषित किया गया। वहीं, शबदीता चौहान और माधवी शर्मा को क्रमशः ग्रुप बी और ग्रुप सी में बेस्ट जिम्नास्ट का पुरस्कार मिला।

 

अन्य विशेष पुरस्कारों में रुहिन चौहान को पाइप बैंड, वैष्णवी शांडिल को एनसीसी तथा एंजल रतन को योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

 

प्रतिष्ठित अंकुर चौहान मेमोरियल ट्रॉफी फॉर बेस्ट एथलीट संयुक्त रूप से अलवीना हरीश और आराधना ठाकुर को प्रदान की गई। वहीं, शबदीता चौहान को प्रतियोगिता का विक्टर लुडोरम घोषित किया गया।

 

इंटर-हाउस प्रतियोगिताओं में मैथ्यू हाउस ने सीनियर और जूनियर दोनों बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की। ड्यूरेंट हाउस ने सीनियर टेबल टेनिस प्रतियोगिता जीती, जबकि फ्रेंच हाउस ने जूनियर टेबल टेनिस के साथ-साथ सीनियर और जूनियर दोनों बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में शानदार जीत हासिल की।

 

मैथ्यू हाउस ने मेजर जनरल एंड मिसेज आई. पी. सिंह अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन फुटबॉल के साथ-साथ वॉलीबॉल कप भी अपने नाम किया। लेफ्रॉय हाउस ने शतरंज प्रतियोगिता में जीत हासिल की।

 

टग ऑफ वॉर प्रतियोगिता में मैथ्यू हाउस ने 6 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। ड्यूरेंट हाउस 4 अंकों के साथ दूसरे और लेफ्रॉय हाउस 2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

 

ओवरऑल परिणामों में मैथ्यू हाउस ने 103 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। लेफ्रॉय हाउस 83 अंकों के साथ दूसरे, ड्यूरेंट हाउस 69 अंकों के साथ तीसरे, जबकि फ्रेंच हाउस 35 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।

 

पूरे खेल सत्र के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मैथ्यू हाउस ने प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स शील्ड और प्रोफिशिएंसी कप दोनों पर कब्जा कर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डीएसपी गीतांजलि ठाकुर ने अपने विद्यालय के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, दृढ़ता, मेहनत, संकल्प और खेल भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मजबूत चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने विजेता विद्यार्थियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पदक, ट्रॉफियां और अन्य पुरस्कार प्रदान किए। औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ ऑकलैंड हाउस स्कूल के सीनियर सेक्शन का यह भव्य स्पोर्ट्स डे खेल प्रतिभा, अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना की यादगार मिसाल बनकर संपन्न हुआ।

चौदहवीं विधान सभा का 12वां सत्र सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न: कुलदीप पठानियां

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आदर्श हिमाणल ब्यूरों

शिमला। मॉनसून सत्र की समाप्ति के पश्चात इलैक्ट्रॉनिक मिडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा ‍कि चौदहवीं विधान सभा का 12वां सत्र अपेक्षा अनुरूप पूर्ण सफलता के साथ सम्पन्न हुआ है। यह सत्र 21 अगस्त से आरम्भ हुआ तथा 03 सितम्बर, 2026 तक चला। इस सत्र में कुल 10 बैठकों का आयोजन किया गया जिसकी कार्यवाही लगभग 45घण्टे 30 मिनट तक चली। इस तरह सत्र की उत्पादकता 91 प्रतिशत रही।

 

सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक स्व0 विजयेन्द्र सिंह, राम चन्द भाटिया, ज्ञान चन्द तथा राम रत्न शर्मा के प्रति शोकोदगार प्रकट कर समूचे सदन द्वारा श्रद्वांजली अर्पित की गई। इस सत्र के दौरान कुल 786 (514 तारांकित तथा 272 अतारांकित) प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए।

 

 

पठानियां ने कहा कि सत्र में नियम 62 के तहत 14, , नियम 101 के तहत 05 तथा नियम 130 के तहत 02 विषयों तथा नियम 324 के तहत 11 विषयों पर चर्चा की गई तथा माननीय सदस्यों ने बहुमुल्य सुझाव दिए। शून्यकाल के दौरान 34 विषयों को सदन में उठाया गया। सत्र में दिनाँक 27 अगस्त, 2026 का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित था।

 

 

उन्होने कहा कि इसके अतिरिक्त 07 सरकारी विधेयकों को सभा में पुर: स्थापित एंव चर्चा उपरान्त पारित किया गया। सदन में समितियों के 44 प्रतिवेदन उपस्थापित किए गए। सत्र के दौरान प्रदेश के सरकारी तथा गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के लगभग 1908 बच्चों ने सदन की कार्यवाही को देखा है जो आज के युवा की लोकतान्त्रिक प्रणाली के प्रति श्रद्वा व उत्सुकता को दर्शाता है।

 

पठानियां ने कहा कि पिछले सत्र में 16 बैठकों का आयोजन किया गया था जिसकी कार्यवाही लगभग 84 घण्टे 49 मिनट चली थी व उसकी उत्पादकता 103 प्रतिशत रही थी तथा उस सत्र में 617 सूचनाएं माननीय सदस्यों से प्रश्नों के माध्यम से प्राप्त हुई थी।

 

उन्होने सहयोग के लिए पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों का धन्यवाद किया जिस वजह से वह सत्र का सुचारू रूप से संचालन कर सके। इस अवसर पर उन्होने सदन के नेता ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथा संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान तथा सभापति तालिका के सभी सदस्यों का भी धन्यवाद किया।

 

पठानियां ने विधान सभा सचिव, जिला प्रशासन के अधिकारियों / कर्मचारियों, राज्य सरकार के अधिकारियों/कर्मचारियों तथा विधान सभा सचिवालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया जिन्होने इस सत्र के लिए दिन-रात कार्य कर इस सत्र से सम्बन्धित कार्य को समयवद्व तरीके से निपटाने में पूर्ण सहयोग दिया। उन्होने प्रिंट एवं इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकार मित्रों का भी धन्यवाद किया जिन्होने विधान सभा की कार्यवाही को प्रदेश के जन-जन तक पहुँचाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

पठानियां ने इस अवसर पर सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी तथा आने वाले शारदीय नवरात्रो की अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं भी दी।

शिक्षा महाकुंभ का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर में होगा शुरु ।

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो

हमीरपुर । शिक्षा महाकुंभ में VBITR की ईकाई DHE एवं NIT हमीरपुर के संयुक्त तत्वाधान में शिक्षा महाकुंभ-2026 का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में किया जा रहा है। यह आयोजन DHE एवं एन आई टी हमीरपुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश तथा आईआईटी मंडी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। शिक्षा महाकुंभ-2026 का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया द्वारा किया जाएगा।

 

 

विद्या भारती हिमाचल के अध्यक्ष मोहन सिंह केस्टा, संगठन मंत्री ज्ञान सिंह, महामंत्री सुरेश कपिल, कोषाध्यक्ष मनोज कपूर द्वारा शिमला में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी से भेंट कर उन्हें शिक्षा महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया गया। इसके अतिरिक्त विधायकों सुधीर शर्मा, प्रकाश राणा, डॉ जनक राज, सतपाल सत्ती, त्रिलोक जमवाल, रीना कश्यप, आशीष शर्मा, रणवीर निक्का, पवन काजल, विनोद कुमार, इन्द्रसिंह गाँधी, दीप राज, लोकिंदर सिंह को भी आमंत्रित किया।

 

 

शिक्षा महाकुंभ के अब तक पांच सफल संस्करण देश के विभिन्न राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में आयोजित किए जा चुके हैं। इन आयोजनों ने देश में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शैक्षिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के शैक्षणिक पुनरुत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

 

इस वर्ष शिक्षा महाकुंभ का केंद्रीय विषय “शिक्षा, प्रकृति और प्रगति—विकास और प्रकृति के साथ सामंजस्य के लिए शिक्षा” रखा गया है। सम्मेलन में शैक्षणिक नवाचार, स्टार्टअप, भारतीय ज्ञान प्रणाली, अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा तथा शिक्षा जगत से जुड़े समसामयिक एवं महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक मंथन किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था को लेकर सार्थक संवाद स्थापित करना है, जो विकास की आवश्यकताओं के साथ-साथ प्रकृति, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे।

 

 

शिक्षा महाकुंभ में देशभर से कुलपतियों, निदेशकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं शोध छात्रों का समागम होगा। आयोजन के दौरान 200 से अधिक शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण, विद्यार्थियों एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं का प्रदर्शन तथा शैक्षणिक एवं तकनीकी प्रदर्शनियां आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अभिनव प्रयोगों और उत्कृष्ट कार्यों को साझा करने के लिए विभिन्न सत्र आयोजित होंगे।

यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग का प्रतिनिधिमंडल सहयोग पर बातचीत के लिए शूलिनी पहुंचा खास बात: चार दिन के दौरे में लैब का दौरा, लीडरशिप मीटिंग और B.Tech छात्रों के लिए गेस्ट लेक्चर शामिल हैं सोलन, 3 सितंबर शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था। प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया। कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है। डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए “इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी” (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ “बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग” विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की। डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं। अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों
सोलन । शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के दो सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का चार दिन के दौरे के लिए स्वागत किया। इस दौरे का मकसद शिक्षा, रिसर्च, छात्रों की भागीदारी और इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार (इंटरनेशनलाइज़ेशन) के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करना था।
प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर और डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनलाइज़ेशन (छात्र) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल थे। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) ने इस दौरे का आयोजन किया।
कैंपस में अपने समय के दौरान, डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने मुख्य रिसर्च और एकेडमिक सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों और रिसर्च पर आधारित एकेडमिक माहौल के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरे की एक खास बात BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ लाती है। यह सुविधा लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर में इंटरडिसिप्लिनरी (कई विषयों को मिलाकर की जाने वाली) रिसर्च और उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर यूनिवर्सिटी के फोकस को दिखाती है।
डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए “इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी” (जीवन की इंजीनियरिंग: बायोइंजीनियर मानव शरीर के बेहतर मॉडल कैसे बनाते हैं) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर दिया। इस सेशन में इस बात पर चर्चा की गई कि बायोइंजीनियर मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए मॉडल कैसे विकसित करते हैं और आज की बायोमेडिकल रिसर्च में किन इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ “बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग” विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन किया। इस सेशन में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित इस्तेमाल और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, दोनों एकेडमिक्स ने PhD के रास्तों और इंटरनेशनल रिसर्च के मौकों पर भी चर्चा की।
डॉ. एंथनी कैलानन और डॉ. रियानॉन ग्रांट ने संभावित संस्थागत सहयोग पर चर्चा करने के लिए चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट, डीन (मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी) प्रो. निष्ठा आनंद भी चर्चा में शामिल हुईं।
अन्य प्रतिभागियों में आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद शामिल थीं; प्रोफ़ेसर वीरेंद्र रिहानी, इंजीनियरिंग के डीन और शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार; और एमएस ठाकुर, स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रोफ़ेसर।

सरकार में अफरातफरी का माहौल, चुनावी वर्ष शुरू तो अधिकारियों में भी खलबली: जयराम ठाकुर

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो 

शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा सत्र के समापन के बाद अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से हमने संजीदगी के साथ जनहित के मुद्दों को विधानसभा के इस मानसून सत्र में उठाने का प्रयास किया है। भाजपा ने सार्थक विषयों पर चर्चा चाही और प्रस्ताव भी लाये लेकिन हमारी जनता के मुद्दे ईमानदारी से उठाने के बाबजूद सरकार की तरफ से संतोषजनक जवाब सदन में नहीं मिले।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे ही दिल्ली रवाना हुए तो सत्र में बिल्कुल भी गंभीरता नहीं दिखी। अधिकारी दीर्घा खाली रही और केवल एक दो जुनियर अधिकारी ही दिखे और कोई वरिष्ठ अधिकारी सदन में नहीं था। ये हालात बताते हैं कि अब अधिकारी भी समझ गए हैं कि हम चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार में तो अफरा तफ़री का माहौल बना हुआ ही है लेकिन अधिकारियों में भी अब खलबली मची हुई है। मुख्यमंत्री के बाद मंत्री भी दिल्ली भाग गए लगता है कुछ तो बड़ा होने वाला है।

आज तक जितने भी बड़े बिल इस सरकार ने सदन में लाये हैं उन्हें हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है जो सरकार की नालायकी बताने के लिए काफी है। आपदा के बाद करोड़ो रुपए की वन संपदा नदियों नालों से अवैध ढंग से निकाली गई और करोड़ो का राजस्व नुकसान सरकार को हुआ लेकिन ये किसके कहने और करने से हुआ वो बड़ा सवाल है। मुख्यमंत्री जिम्मेवारी लेने से भाग रहे हैं। मन्त्रियों से जवाब देते नहीं बन रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री के बीच तालमेल नहीं है। ये पहली बार हुआ है कि मुख्यमंत्री विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए खुद संवैधानिक पद पर होने के बावजूद धरने प्रदर्शन में तख्ती लेकर उतर आये। हम भी पांच साल मुख्यमंत्री रहे लेकिन मैंने कभी ऐसे सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे और गालियाँ नहीं निकाली। मुख्यमंत्री को अपने पद के अनुरूप ऐसा करने से बचना चाहिए था। सदन में रोजगार से संबंधित विषय को लेकर सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिखी। कहा था हम पांच साल में पांच लाख सरकारी और पक्की पेंशन वाली नौकरी देंगे लेकिन सरकारी आंकड़े इसके गवाह हैं कि हिमाचल में 1.91 में से अब केवल एक लाख 75 हजार ही नौकरी रह गई है। नए रोजगार के अवसर खत्म कर दिए गए हैं। हिम केयर, सहारा, गृहणी और स्वावलम्बन जैसी भाजपा सरकार के समय की लोकप्रिय योजनाएं राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से बंद कर दी हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऋण लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं और सदन में भी झूठे आंकड़े पेश किए जा रहे हैं जबकि सच्चाई ये है कि आजादी के बाद अब तक जितनी सरकारें रही उन्होंने मेरे पांच साल कार्यकाल पूर्ण करने के बाद 2022 तक 69600 करोड़ ऋण कुल मिलाकर लिया लेकिन इन्होंने तो चार साल में ही 48 हजार करोड़ ऋण ले लिया है। अगर अगले एक वर्ष और सरकार रही तो ये अब तक ऋण लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। आज की तारीख में सुक्खू सरकार 1 लाख 18 हज़ार करोड़ का ऋण ले चुकी है। बाबजूद इसके विकास धरातल पर शून्य है। कर्मचारी और पेंशनर धरने पर हैं। सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। हमारे विधायकों के खिलाफ़ लगातार एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ये जो भी राजनीतिक मंशा से जांच हो रही है भाजपा सरकार आते ही इनकी जांच की भी जांच होगी।

विधानसभा की कार्यवाही से रूबरू हुए संजौली व हरिदेवी के छात्र-छात्राएं

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली तथा विधि अध्ययन संस्थान हरिदेवी जिला शिमला  से विधान सभा की कार्यवाही देखने आए लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने आज कौंसिल चैम्बर के बाहर अपराह्न 1:30 बजे  विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात करने के उपरान्त विधान सभा के मॉनसून सत्र की 7वें  दिन की कार्यवाही को देखा। मुलाकात के दौरान छात्र- छात्राओं ने विधान सभा अध्यक्ष से संसदीय प्रणाली, सत्र संचालन तथा सदन में उनकी भूमिका से सम्बन्धित प्रश्न भी पूछे जिसका उन्होने सिलसिलेवार जवाब दिया।

 

संवाद के दौरान पठानियां ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि युवा तथा छात्र -छात्राएँ संसदीय प्रणाली, संवैधानिक व्यवस्था को जानने में रूचि ले रहे हैं तथा सदन की कार्यवाही देखने दूर-दूर से आ रहे हैं।

 

 

   छात्र – छात्राओं   के साथ संवाद के दौरान वहाँ पर मौजूद इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए पठानियां ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। उन्होने कहा कि इस देश की आबादी में युवाओं की संख्या लगभग 40 प्रतिशत है जो किसी भी देश में सर्वाधिक है। आज के युवा कल के नेता हैं। आज देश हमारे युवा साथियों के हाथ में सुरक्षित है। जिस तरह  आज के युवा, विद्यार्थी तथा यहाँ तक कि जूनियर स्कूल के छात्र – छात्राएं भी सदन की कार्यवाही देखने आ रहे हैं वह प्रशंसनीय है। उन्हें उसे साक्षात देखने का मौका मिल रहा है जिसे उन्होने किताबों में पढ़ा है। उन्होने सभी छात्र – छात्राओं को सदन की कार्यवाही देखने की अनुमति दे रखी है ताकि वह संसदीय प्रणाली, संघीय ढाँचे तथा देश के अन्दर विद्यमान लोकतान्त्रिक व्यवस्था से रूबरू हो सकें।

 

 

उन्होने कहा कि इसी सदन के अन्दर छात्र -संसद का भी आयोजन किया गया था तथा वह  बहुत कामयाब रहा। जिस तरह छात्र – छात्राओं ने मुख्यमंत्री, मंत्री परिषद सदस्य तथा स्पीकर पद का अभिनय किया वह हैरान करने वाला तथा मुल्यों पर आधारित था। उन्होने सदन के अन्दर कई ज्वलंत विषय उठाए तथा  उनके निराकरण का सदन के अन्दर चर्चा द्वारा प्रयास किया  वह और भी अदभुत था। वह लोकतान्त्रिक प्रणाली की मजबुती का सबब था।

 

 

पठानियां ने सभी को सदन की कार्यावाही देखने के लिए आमंत्रित किया तथा अपनी अनंत शुभकामनाएं दी।

नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर होगी कार्रवाई, कब्जे भी हटेंगे: उपायुक्त

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

धर्मशाला। जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने बहुआयामी रणनीति के तहत कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सोमवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकाॅर्ड) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की।

 

बैठक में नशे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, नशा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

 

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।

 

उन्होंने कहा कि नशा तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों में कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए तथा अवैध निर्माणों को नियमानुसार हटाया जाए। सभी एसडीएम को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने तथा चिन्हित हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

 

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डाॅ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, टांडा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।

 

उपायुक्त ने जेलों में बंद नशे से संबंधित आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

 

उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों तथा नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

 

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि जिले की पंचायतों में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का नियमित दौरा करेंगे और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने तथा एसएएमवीएएडी (सिस्टेमैटिक एडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडिशन डायलाॅग) कार्यक्रम के तहत नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

 

उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि स्कूल परिसर अथवा उसके आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए। विद्यार्थियों के लिए नियमित कार्यशालाओं, संवाद कार्यक्रमों और काउंसलिंग सत्रों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने सभी विभागों को अपनी-अपनी गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करने और आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी के माध्यम से ‘नशा मुक्त कांगड़ा’ को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

 

बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा निवारण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और अब तक की गई विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

 

  • बैठक में आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, पुलिस अधीक्षक देहरा संदीप धवल, पुलिस अधीक्षक नूरपुर इलमा अफरोज, एसडीएम मोहित रत्न, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. ओमेश भारती, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ. अनुराधा, सचिव जिला रेडक्राॅस ओपी शर्मा, डीएसपी जेल संजीव कुमार, आरपीजीएमसी टांडा से डाॅ. पंकज कुमार,  डाॅ. अनीता, सहायक निदेशक आरएफएसएल डाॅ. राकेश कुमार, जिला अटाॅर्नी एनएस चैहान, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, उपनिदेशक कृषि अशोक कुमार, सहायक आबकारी अधिकारी रिशिका ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा अजय संबयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा जिले के एसडीएम, डीएसपी एवं बीएमओ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
Shoolini University

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