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जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में बनी सदन की रणनीति, डॉ. राजीव बिंदल और सिद्धार्थन रहे विशेष रूप से उपस्थित

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक शिमला में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा विशेष रूप से पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल एवं संगठन महामंत्री सिद्धार्थन भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में भाजपा के सभी विधायकों ने भाग लिया।

 

 

बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने विधानसभा सत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विधायक दल के साथ विस्तृत चर्चा की और सदन में पार्टी की भूमिका, संगठन तथा विधायक दल के बीच बेहतर समन्वय और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विचार साझा किए।

 

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह प्रदेश की जनता से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय को पूरी मजबूती और तथ्यों के साथ सदन में रखे। उन्होंने विधायकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

 

 

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर भी व्यापक मंथन हुआ। विभिन्न विधायकों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े विषयों तथा प्रदेश स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को बैठक में रखा। इन विषयों को सदन में प्रभावी तरीके से उठाने को लेकर आपसी विचार-विमर्श किया गया।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने संगठन और विधायक दल के बीच मजबूत समन्वय पर बल दिया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि संगठन के माध्यम से प्रदेशभर से सामने आने वाले जनहित के विषयों और जनता की समस्याओं को विधायक दल के माध्यम से विधानसभा में मजबूती से आवाज दी जाए।

 

संगठन महामंत्री सिद्धार्थन की उपस्थिति में कई संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, संगठनात्मक गतिविधियों तथा विधायक दल और संगठन के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

 

बैठक में भाजपा विधायक दल ने विधानसभा सत्र के लिए विस्तृत रणनीति पर मंथन करते हुए यह संकल्प दोहराया कि प्रदेश की जनता से जुड़े विषयों को सदन के भीतर पूरी गंभीरता और प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा तथा एक सजग और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई जाएगी।

कांग्रेस की दस गारंटियों को चार साल पूरे, अब गारंटियों का नाम लेने से भी डर रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि  कांग्रेस की उन दस गारंटियों को चार साल पूरे हो गए हैं, जिनके नाम पर कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में हिमाचल की जनता को ठगा और सत्ता हासिल की। चुनाव के समय कांग्रेस ने घर-घर जाकर गारंटियों के प्रपत्र भरवाए, चौक-चौराहों पर खड़े होकर बड़े-बड़े दावे किए और सत्ता में आते ही हर गारंटी पूरी करने की कसमें खाईं लेकिन सत्ता मिलते ही कांग्रेस ने जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया। जिस कांग्रेस ने चुनाव के समय गारंटियों का ढिंढोरा पीटा था, उसके नेता इन गारंटियों का नाम लेने से भी बच रहे हैं।

 

 

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए चार साल होने वाले हैं, लेकिन दस में से कितनी गारंटियां पूरी हुईं, इसका जवाब देने की हिम्मत मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं में नहीं है। महिलाओं को 1500 रुपये, पांच लाख नये रोजगार, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों से गोबर खरीद और युवाओं के लिए स्टार्टअप जैसी गारंटियों का क्या हुआ, मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को इसका हिसाब दें। सरकार हर बार झूठ बोलकर अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास करती है, लेकिन अब जनता कांग्रेस के झूठ को अच्छी तरह समझ चुकी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार का चार साल का कार्यकाल अब झूठ, वादाखिलाफी और निकम्मेपन की पहचान बन चुका है। कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए हिमाचल की जनता से छल किया और अब अपने ही वादों से भाग रही है। मुख्यमंत्री नए-नए दावे करने के बजाय पहले अपनी दस गारंटियों का हिसाब दें। हिमाचल की जनता कांग्रेस की इस वादाखिलाफी को भूलेगी नहीं और आने वाले विधानसभा चुनाव में झूठी गारंटियों का पूरा हिसाब करेगी।

 

 

थाना संपर्क मार्ग के उन्नयन कार्य को मिली गति, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया भूमि पूजन

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला /थाना । शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज उपमंडल कोटखाई के अंतर्गत ग्राम पंचायत रावलाक्यार में 4 करोड़ रुपये की लागत से स्त्रोन्नत होने वाले थाना संपर्क मार्ग के उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 77वें वन महोत्सव के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रावलाक्यार के प्रांगण में पौधरोपण भी किया।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की श्रृंखला में थाना संपर्क मार्ग का उन्नयन एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के उन्नयन से थाना सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से अधिक के कार्यकाल के दौरान विधानसभा क्षेत्र में संतुलित, सम्यक एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप जुब्बल-नावर-कोटखाई में अब तक 186 नई सड़कों की सफल पासिंग हो चुकी है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष के अंत तक नई सड़कों की पासिंग का आंकड़ा 200 को पार कर जाएगा।
कोटखाई में तेजी से हो रहा विकास
रोहित ठाकुर ने कहा कि कोटखाई क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विकास भवन कोटखाई इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह भवन पिछले 15 वर्षों से लंबित था, जिसे वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। यह बहुउद्देश्यीय भवन स्थानीय लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रगतिनगर स्थित तकनीकी शिक्षा संस्थान क्षेत्र का प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थान है, जहां करीब 1200 विद्यार्थी विभिन्न विषयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्थान के उन्नयन के लिए 110 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय अनुमोदन प्राप्त हुआ है, जिसमें वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2023 में 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। संस्थान में रोजगारपरक नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में आईटीआई भवन, छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुम्मा के भवन सहित विभिन्न निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।
गुम्मा में 104 करोड़ से सुदृढ़ हो रहा इंजीनियरिंग कॉलेज
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज गुम्मा में 104 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। संस्थान में विभिन्न भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के लिए नए एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान में ईसीई डिप्लोमा पुनः शुरू किया गया है, जिसे वर्ष 2021 में छात्रों की कम संख्या के कारण बंद कर दिया गया था। आईटीआई गुम्मा में इलेक्ट्रिक वाहन विषय में पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इसी वर्ष से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग तथा इसी शैक्षणिक सत्र से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा भी शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त सोलर टेक्नीशियन एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और इन्हें शीघ्र शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आदर्श स्वास्थ्य संस्थान कोटखाई बन रहा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संस्थान
रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श स्वास्थ्य संस्थान कोटखाई स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं आदर्श संस्थान के रूप में उभर रहा है। यहां मेडिसिन, गायनी, नेत्र, बाल रोग सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में 28 लाख रुपये की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।
वन महोत्सव के तहत रोपे 80 देवदार के पौधे
77वें वन महोत्सव के अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रावलाक्यार के प्रांगण में पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या, निजी स्वार्थ एवं असंतुलित विकास के कारण प्रकृति पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जन-अभियान का रूप देना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री एवं अन्य उपस्थित लोगों ने 80 देवदार के पौधे रोपे।
उन्होंने कहा कि आज लगाए गए ये पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर धरती को जल, छाया और स्वच्छ वायु प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण एवं सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कार्य है। वेदों और पुराणों में भी वृक्षों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से प्रभावित होकर उन्होंने 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंदर मेहता, जिला परिषद सदस्य रेखा चौहान, पंचायत समिति अध्यक्ष कोटखाई विजया राजटा, कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के निदेशक देविंदर नेगी, स्थानीय पंचायत प्रधान देवराज चौहान, वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता लायकराम ओस्टा, उपप्रधान राकेश, सुनील राजटा, बीडीसी उपाध्यक्ष, युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक काल्टा, एसडीएम जुब्बल-कोटखाई गुरुमीत नेगी, मंडल वन अधिकारी ठियोग, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

व्यक्तित्व विकास और मानवीय क्षमता पर GDC ठियोग में विशेष कार्यशाला

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

ठियोग । महाविद्यालय ठियोग में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, मानवीय क्षमताओं की पहचान, करियर जागरूकता तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल-विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करियर काउंसलिंग सेल के तत्वावधान में एक विशेष Upskilling Workshop का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “Personal Transformation and Human Potential” रहा। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भूपिंदर सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया, जिसमें विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकायों के लगभग 100 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. बृजेश सिंह, प्रोफेसर, SNGNC, IGMC, Shimla ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूपांतरण और मानवीय क्षमता के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का समय नहीं है, बल्कि यह स्वयं को पहचानने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने, सही दिशा निर्धारित करने तथा भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने Self-Awareness, Self-Confidence, Emotional Intelligence, Positive Habits, Goal Setting, Growth Mindset तथा व्यक्तिगत क्षमता के विकास जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

 

डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दुनिया तेजी से बदल रही है। तकनीकी विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और रोजगार के बदलते स्वरूप ने युवाओं के सामने नई संभावनाओं के साथ-साथ नई चुनौतियां भी प्रस्तुत की हैं। ऐसे वातावरण में केवल पारंपरिक अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रुचियों एवं क्षमताओं को समझने, निरंतर सीखने, परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने और जीवन तथा करियर से संबंधित विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे असफलताओं को अंत नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मानें।

 

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री यमन चौहान ने “Youth Issues and Peak Performance” विषय पर विद्यार्थियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। उन्होंने युवाओं के सामने आने वाली सामाजिक, भावनात्मक एवं शैक्षणिक चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, आत्म-नियंत्रण तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उनका सत्र अत्यंत संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और अपने अनुभव भी साझा किए।

 

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं एवं व्यक्तित्व संबंधी आयामों को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से Psychometric Testing भी आयोजित किया गया। चयनित विद्यार्थियों ने इस प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें सुश्री तुषाली, सुश्री प्रिया, सुश्री निताक्षी, श्री जयंत, श्री आयुष तथा श्री रजत सहित अन्य विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि मनोमितीय परीक्षण आत्म-अन्वेषण एवं करियर संबंधी जागरूकता में सहायक उपकरण हो सकते हैं, लेकिन इनके परिणामों को किसी व्यक्ति के भविष्य के संबंध में अंतिम या निश्चित निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। किसी भी करियर निर्णय में व्यक्तिगत रुचि, क्षमता, परिस्थितियां, शैक्षणिक प्रदर्शन और विशेषज्ञ मार्गदर्शन जैसे अनेक पहलुओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।

 

कार्यक्रम की संयोजक एवं करियर काउंसलिंग सेल की प्रभारी डॉ. अनीता राठौर ने कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय-समय पर विषय विशेषज्ञों एवं मनोवैज्ञानिकों के साथ संवाद का अवसर मिलना उनके आत्मविश्वास और करियर संबंधी स्पष्टता को बढ़ाने में उपयोगी है। उन्होंने कार्यशाला में सहयोग करने वाले सभी विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

 

इस अवसर पर डॉ. राजेश आज़ाद, डीन साइंसेज, तथा काउंसलिंग सेल के सदस्य प्रो. श्रद्धा शांडिल, प्रो. विक्रांत गौतम, प्रो. बृज मोहन, प्रो. रितिका पंजटा एवं प्रो. पूनम सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की और भविष्य में इस प्रकार के कौशल-विकास एवं करियर-उन्मुख कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भूपिंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी एवं तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों का विकास केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास, विवेक, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने की क्षमता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में उपयोग करने का अवसर प्रदान करती हैं।

 

डॉ. ठाकुर ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय ठियोग विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं व्यावसायिक विकास को भी प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के रोजगार एवं जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु विद्यार्थियों में lifelong learning, adaptability, communication skills, emotional maturity, digital awareness और problem-solving abilities का विकास अत्यंत आवश्यक है।

 

उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए करियर काउंसलिंग सेल, डॉ. अनीता राठौर, दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं, सभी सहयोगी शिक्षकों तथा सहभागी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने में सहायता प्रदान करेगा।

 

समग्र रूप से कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर, व्यक्तिगत विकास, मानवीय क्षमता और भविष्य के आवश्यक कौशलों के प्रति अधिक जागरूक बनाना तथा उन्हें बदलते सामाजिक, तकनीकी और व्यावसायिक परिवेश की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत परिवर्तन की शुरुआत स्वयं की पहचान से होती है और अपनी क्षमता पर विश्वास, निरंतर सीखने की इच्छा तथा सकारात्मक प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में बेहतर प्रदर्शन और सार्थक उपलब्धियों की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

सात वर्षीय याशाक भाटेरिया ने लॉजिकिड्स ओलंपियाड में हासिल की पांचवीं अंतरराष्ट्रीय रैंक

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला ।ऑकलैंड हाउस स्कूल फॉर बॉयज़, शिमला के कक्षा पहली के सात वर्षीय छात्र याशाक भाटेरिया ने लॉजिकिड्स ओलंपियाड 2025-26 के अंतिम चरण में पांचवीं अंतरराष्ट्रीय रैंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

 

मार्च 2026 में उत्तर क्षेत्र के तहत आयोजित इस परीक्षा में विद्यालय के कुल 64 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए याशाक को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि विद्यालय के 23 अन्य विद्यार्थियों ने भी पदक और प्रमाणपत्र हासिल किए।

 

याशाक स्वभाव से बेहद जिज्ञासु और जिम्मेदार हैं। उन्हें जलीय जीवन और मछलियों से जुड़ी किताबें पढ़ना विशेष रूप से पसंद है। नई चीजों को जानने और समझने की उनकी उत्सुकता उन्हें सीखने के लिए लगातार प्रेरित करती है।

 

विद्यालय ने याशाक सहित सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनकी मेहनत व समर्पण की सराहना की।

पीएमएफएमई योजना में हिमाचल प्रदेश द्वितीय रनर-अप, दो अधिकारियों को मिला सम्मान

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

नई दिल्ली/शिमला । भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा 24-25 अगस्त को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित पीएमएफएमई कॉन्क्लेव-2026 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत समग्र प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को मध्यम राज्य श्रेणी में द्वितीय रनर-अप घोषित किया गया।

 

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का पुरस्कार केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री  चिराग पासवान द्वारा प्रदान किया गया, जिसे उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश की ओर से संयुक्त निदेशक  रमेश वर्मा ने ग्रहण किया।

 

उद्योग मंत्री  हर्षवर्धन चौहान ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीएमएफएमई योजना के तहत प्रदेश को द्वितीय रनर-अप का सम्मान मिलना हिमाचल के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहित करने, महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने तथा मूल्य संवर्धन और उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों को दर्शाती है।

 

प्रधान सचिव (उद्योग)  एम. सुधा ने कहा कि यह पुरस्कार अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न हितधारकों के समर्पण एवं समन्वित प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य फोकस संस्थागत वित्त तक पहुंच बढ़ाने, इनक्यूबेशन सुविधाओं के विस्तार और पूरे प्रदेश में सतत आजीविका के अवसर सृजित करने पर है।

 

उद्योग निदेशक आदित्य नेगी ने कहा कि यह उपलब्धि जिला उद्योग केंद्रों, बैंकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों के साथ विभाग के सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित करती है। विभाग नवाचार, उत्पाद गुणवत्ता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सहायता को और मजबूत करेगा।

 

पीएमएफएमई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए जिला नोडल अधिकारी, शिमला श्री संजय कंवर को सर्वश्रेष्ठ जिला नोडल अधिकारी पुरस्कार तथा जिला संसाधन व्यक्ति (डीआरपी) श्री रविंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ डीआरपी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्य प्रमुख कार्यक्रम प्रबंधक  जतिन बहल और मार्केटिंग प्रबंधक  आस्था नेगी भी उपस्थित रहीं।

 

कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित पीएमएफएमई बाजार में रस कलिनरी कंपनी के श्री आर्यन शर्मा और श्री शांतनु शर्मा ने स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद ‘कुल्लुत बेवरेजेस’ का प्रदर्शन भी किया।

 

प्रदेश में पीएमएफएमई योजना के तहत अब तक 2,906 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनकी कुल परियोजना लागत 191.73 करोड़ रुपये है, जबकि 73.17 करोड़ रुपये की सब्सिडी सहायता प्रदान की गई है। यह प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक रूप देने और खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है।

 

योजना के अंतर्गत महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को भी विशेष रूप से सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 16,083 एसएचजी सदस्यों को 59.29 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल राशि प्रदान की गई है। इससे महिला किसानों और एसएचजी सदस्यों को खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़ने तथा अपनी आजीविका को मजबूत करने में सहायता मिली है।

 

सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को उत्पादों की गुणवत्ता और प्रक्रियाओं में सुधार के लिए प्रदेश में तीन इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (सीएसके एचपीकेवी), पालमपुर; कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कुकुमसेरी, लाहौल-स्पीति; तथा डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन शामिल हैं।

 

उद्योग निदेशालय, हिमाचल प्रदेश नोडल विभाग के रूप में जिला उद्योग केंद्रों, बैंकों, एसएचजी, एफपीओ, जिला नोडल अधिकारियों, जिला संसाधन व्यक्तियों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहा है।

 

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश को वर्ल्ड फूड इंडिया-2023 में पीएमएफएमई के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिसे राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया था।

 

पीएमएफएमई कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेश को मिला यह सम्मान हिमाचल प्रदेश की सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, सतत आजीविका के अवसर पैदा करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। उद्योग विभाग ने योजना के क्रियान्वयन को और मजबूत करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों, किसानों, एसएचजी और अन्य हितधारकों तक इसका लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बरमूड़ा घास से रामपुर कालेज ग्राउंड में आएगी हरियाली

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो

रामपुर। जीबी पंत मैमोरियल पीजी कॉलेज रामपुर ग्राउंड में बरमूड़ा घास से हरियाली आएगी। वन विभाग ने गत 20 अगस्त से इस मैदान में हाइड्रोसीडिंग तकनीक से बरमूड़ा घास उगाने का काम शुरू किया, जो अब उनकी मेहनत भी रंग लाने लगी है। इसके मद्देनजर रामपुर वन वृत्त के कर्मचारी अपनी बेहतरीन सेवाएं देकर खेल मैदान को नया रूप देने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले 7 से 10 दिनों के भीतर मैदान में घास तैयार होगी। जिससे खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधा मिलेगी।

गौरतलब है कि 11 से 13 सितंबर तक इस ग्राउंड में हिमाचल प्रदेश वन विभाग की 27वीं वार्षिक स्पोर्ट्स मीट होने जा रही है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पाटबंगला खेल मैदान की सूरत बदलने का रास्ता चुना।

दिवारों से लेकर मैदान के चारों तरफ की सफाई

रामपुर वन वृत्त के दायरे में आने वाले कर्मचारियों ने मैदान की सभी दिवारों से लेकर चारों तरफ सफाई कर दी है। अरण्यपाल रामपुर वन वृत्त सीबी ताशीलदार ने विशेष सफाई अभियान में सेवाएं देने वाले सभी अधिकारियों, वन रक्षकों, वन मित्रों से लेकर अन्य कर्मचारियों की सराहना की।


वन विभाग ने की बेहतरीन रखरखाव की अपील

अरण्यपाल रामपुर वन वृत्त सीबी ताशीलदार ने रामुपर की जनता और कालेज प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि वन विभाग की स्पोर्ट्स मीट संपन्न होने के बाद भी इस खेल मैदान का रखाखाव किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मैदान में हाइड्रोसीडिंग तकनीक से बरमूड़ा घास उगाने का काम प्रगति पर है और आने वाले 7 से 10 दिनों के भीतर तैयार हो जाएगा।

तेजस्वी कुठियाला ने एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी में भारत में तीसरा और एशिया में आठवां स्थान हासिल किया

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आदर्श हिमाचल ब्यूरो,

शिमला। ऑकलैंड हाउस स्कूल, शिमला की छात्रा तेजस्वी कुठियाला ने देहरादून में 17 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 मीटर स्पीड स्केटिंग स्पर्धा में भारत में तीसरा और एशिया में आठवां स्थान हासिल कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया।

 

प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत समेत एशिया के 14 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस, चीनी ताइपे और हांगकांग सहित विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

 

तेजस्वी ने कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी गति, तकनीक, आत्मविश्वास और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी यह उपलब्धि निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

ऑकलैंड हाउस स्कूल परिवार ने तेजस्वी कुठियाला को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजस्वी की यह सफलता विद्यालय के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

 

तेजस्वी की उपलब्धि से ऑकलैंड हाउस स्कूल और शिमला का गौरव बढ़ा है। उनकी सफलता यह भी दर्शाती है कि हिमाचल प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाएं कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं।

शूलिनी यूनिवर्सिटी में 1,200 छात्रों को डिजिटल और ई-रिसोर्स की दी जानकारी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 
सोलन ।  शूलिनी यूनिवर्सिटी के योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) ने छात्रों को यूनिवर्सिटी के कई तरह के डिजिटल और ई-रिसोर्स से परिचित कराने और उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध एकेडमिक जानकारी का ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दो दिन का लाइब्रेरी ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया।
इस प्रोग्राम में अलग-अलग स्कूलों और फैकल्टी के लगभग 1,200 छात्रों ने हिस्सा लिया। इसमें MyLOFT, Clarivate-ProQuest, JSTOR, LexisNexis और Perlego जैसे प्रमुख एकेडमिक प्लेटफॉर्म और रिसोर्स के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को यूनिवर्सिटी के ज़रिए उपलब्ध ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, अख़बारों, मैगज़ीन, थीसिस और दूसरे स्कॉलरली रिसोर्स के बड़े कलेक्शन से परिचित कराया गया।
सेशन के दौरान, मिस्टर वैभव ने MyLOFT या ‘लाइब्रेरी ऑन फिंगरटिप्स’ का डेमो दिया और बताया कि छात्र कैंपस के बाहर से भी कभी भी और कहीं से भी यूनिवर्सिटी के सब्सक्राइब किए गए ई-रिसोर्स को कैसे एक्सेस कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म छात्रों को एक ही इंटरफ़ेस के ज़रिए काम के ओपन-एक्सेस रिसोर्स खोजने की सुविधा भी देता है। छात्र विषय और अध्ययन के क्षेत्र के आधार पर कंटेंट खोज सकते हैं, उसे इकट्ठा कर सकते हैं और एक्सेस कर सकते हैं, जिससे एकेडमिक रिसर्च ज़्यादा आसान हो जाती है।
Clarivate ProQuest के मिस्टर अरुण ने छात्रों को स्कॉलरली डेटाबेस के बारे में जानकारी दी और एकेडमिक लर्निंग और रिसर्च के लिए उनके इस्तेमाल का डेमो दिया। इस सेशन में छात्रों को ProQuest के लगभग 2.5 लाख ई-बुक्स के कलेक्शन से परिचित कराया गया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए उपलब्ध रिसोर्स के बारे में बताया गया। Perlego 1.5 मिलियन से ज़्यादा ई-बुक्स तक एक्सेस देता है, जबकि यूनिवर्सिटी के डिजिटल रिसोर्स स्कॉलरली जर्नल्स, अख़बारों, मैगज़ीन और थीसिस तक एक्सेस भी देते हैं।
इस मौके पर बोलते हुए, योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) के डायरेक्टर टीपीएस गिल ने छात्रों की एकेडमिक लर्निंग, स्वतंत्र अध्ययन और रिसर्च में मदद करने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी रिसोर्स के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों को उपलब्ध रिसोर्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें अपने एकेडमिक काम का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
योगानंद नॉलेज सेंटर (YKC) की लाइब्रेरियन डॉ. पूजा ठाकुर ने कहा कि लाइब्रेरी नए और मौजूदा, दोनों तरह के छात्रों के लिए नियमित रूप से ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोग्राम छात्रों को उपलब्ध जानकारी के रिसोर्स को समझने और अपनी पढ़ाई और रिसर्च के लिए उनका असरदार ढंग से इस्तेमाल करने में मदद करते हैं।
इस प्रोग्राम का कोऑर्डिनेशन  नीलम ठाकुर और अन्य  YKC के स्टाफ़ सदस्यों , राकेश शर्मा,  नेहा ठाकुर,  पूजा राठौर,  अर्चना, कमलेश और  निखिलेश  ने इन सत्रों के सफल आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।

मानवी संस्था ने बडाश स्कूल के 50 बच्चों को बांटे गर्म स्वेटर, चेहरों पर खिली मुस्कान

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

 

शिमला ।  सर्दियों के आगमन को देखते हुए मानवी संस्था ने सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय बडाश, खुफ़टधार के बच्चों के लिए 50 गर्म स्वेटर वितरित किए। इस अवसर पर बच्चों को मिठाइयां भी बांटी गईं।

 

विद्यालय के प्रधानाचार्य  कैलाश चंद शर्मा ने बच्चों के लिए स्वेटरों की आवश्यकता मानवी संस्था के समक्ष रखी थी। बच्चों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए संस्था ने पहल करते हुए उन्हें गर्म स्वेटर उपलब्ध करवाए।

 

कार्यक्रम के दौरान स्वेटर और मिठाइयां पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान देखते ही बन रही थी। संस्था के सदस्यों ने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना और बच्चों के जीवन में थोड़ी सी खुशी लाना ही इस प्रकार के सेवा कार्यों का मुख्य उद्देश्य है।

 

इस सेवा कार्य में कुसुम, मंजू सूद, डॉ. किमी सूद, रानी कुकरेजा, मधुसूद एवं बीरमा चौहान ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

 

मानवी संस्था ने कहा कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों और बच्चों की सहायता के लिए इसी प्रकार के सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे।

 

 

Shoolini University

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