सचिवालय से नियुक्तियों तक चहेतों का कब्जा, हिमाचल में सिंडिकेट चला रही सरकार : राजिंदर राणा

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा ने आज शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को ऐसे पांच “खिताब” मिले हैं, जिनके लिए प्रदेश की जनता उन्हें हमेशा याद रखेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उत्तर भारत का सबसे अमीर मुख्यमंत्री घोषित होने का खिताब मिला, प्रदेश के इतिहास में सबसे अधिक कर्ज लेने वाले मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड उनके नाम है, मित्रों और चहेतों को खुली लूट की छूट देने का आरोप उन्हीं पर लग रहा है, सबसे अधिक झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री के रूप में उनकी पहचान बन चुकी है और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से सबसे अधिक झूठे मुकदमे दर्ज करवाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो चुका है।

 

राजिंदर राणा ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार नहीं बल्कि “मित्रों का सिंडिकेट” शासन चला रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के इर्द-गिर्द कुछ ऐसे लोगों का समूह सक्रिय है जिनके पास न कोई संवैधानिक पद है और न ही प्रशासनिक जिम्मेदारी, लेकिन वही सरकार चलाने का काम कर रहे हैं। सचिवालय में अधिकारियों की नियुक्तियों से लेकर फैसलों तक, हर जगह इन्हीं लोगों का प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता के टैक्स का पैसा विकास पर खर्च होने की बजाय दर्जनों OSD, सलाहकारों, मीडिया सलाहकारों और राजनीतिक नियुक्तियों पर खर्च किया जा रहा है।

 

 

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों—डॉ. वाई.एस. परमार, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, वीरभद्र सिंह और जयराम ठाकुर—के समय सीमित संख्या में राजनीतिक नियुक्तियां होती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने रिकॉर्ड संख्या में सलाहकार और OSD नियुक्त कर सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ डाल दिया है। जनता के पैसों का उपयोग राजनीतिक संरक्षण देने के लिए किया जा रहा है।

 

 

राजिंदर राणा ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य बनने के बाद लगभग पांच दशकों में जितना कर्ज लिया गया, वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में ही रिकॉर्ड स्तर पर कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नया कर्ज लेकर पुराना कर्ज चुका रही है, लेकिन विकास कार्य धरातल पर कहीं दिखाई नहीं देते। केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजमार्गों, आपदा राहत तथा विभिन्न विकास योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये मिलने के बावजूद सड़कें बदहाल हैं, पुल क्षतिग्रस्त हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का आवागमन कठिन बना हुआ है।

 

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में पीछे जा रहा है। HRTC आर्थिक संकट से जूझ रही है, अनेक बस रूट बंद हो चुके हैं, डीजल और स्पेयर पार्ट्स तक की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। गरीब और दूरदराज़ के क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों को समय पर वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे, पेंशनभोगी परेशान हैं और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है।

 

 

भाजपा वरिष्ठ प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश की लाभ कमाने वाली सरकारी संपत्तियों को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन निगम के लाभ अर्जित करने वाले होटल तथा दिल्ली स्थित हिमाचल निकेतन जैसी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। यदि सरकार की नीयत साफ है तो इन योजनाओं को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा।

 

राजिंदर राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं पर लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा स्थायी नहीं होती और जो अधिकारी राजनीतिक दबाव में कानून का दुरुपयोग करेंगे, उन्हें भविष्य में उसके लिए जवाब देना होगा।

 

 

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए “बिकने” के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यदि सरकार के पास कोई प्रमाण है तो उसे अदालत में प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि उनके बैंक खातों से लेकर व्यक्तिगत जीवन तक की जांच करवाई गई, लेकिन आज तक एक भी आरोप सिद्ध नहीं हो पाया। इससे स्पष्ट है कि सरकार केवल राजनीतिक बदले की भावना से झूठे आरोप लगाकर चरित्र हनन का प्रयास कर रही है।

 

 

राणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह एकजुट है और पार्टी का एक ही गुट है—कमल का फूल। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार संगठन को मजबूत करने में जुटा है। इसके विपरीत कांग्रेस के भीतर ही मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं और पार्टी के अंदर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि पंचायत, नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया है। यह केवल ट्रेलर था, असली जवाब 2027 के विधानसभा चुनाव में मिलेगा। प्रदेश की महिलाएं, कर्मचारी, युवा, किसान, बागवान, व्यापारी और आम जनता कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी, आर्थिक कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज, प्रशासनिक अराजकता और राजनीतिक प्रतिशोध से पूरी तरह निराश हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इस सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

राजिंदर राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक विरोधियों पर मुकदमे दर्ज करवाने की बजाय प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, जर्जर सड़कें, कर्मचारियों की समस्याएं, पर्यटन क्षेत्र की बदहाली और जनता से किए गए वादों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतंत्र के माध्यम से इसका उचित जवाब देगी।