डी.जी.पी. पंजाब ने कानून व्यवस्था और अपराधों की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए अमृतसर और जालंधर में उच्च स्तरीय मीटिंगों का किया नेतृत्व

घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र अधिकारियों को और मुस्तैद होने के लिए दिए निर्देश सी.पीज़.एस.एस.पीज़. को आतंकवाद, गैंगस्टरों और नशों के विरुद्ध और सख़्ती से निपटने के लिए की हिदायत

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

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चंडीगढ़: सरहदी राज्य में शान्ति और सांप्रदायिक भाईचारे को यकीनी बनाने के मद्देनज़र पुलिस के डायरैक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब वी.के. भावरा ने शनिवार को अमृतसर और जालंधर कमिशनरेटों, बार्डर रेंज और जालंधर रेंज में अमन-कानून और अपराध की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए दो उच्च स्तरीय मीटिंगों की अध्यक्षता की। .डी.जी.पी. के साथ ए.डी.जी.पी. कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला और आई.जी.पी. इंटेलिजेंस जतिन्दर सिंह औलख भी मौजूद थे।

 

पहली मीटिंग पुलिस लाईन अमृतसर में हुई, जिसमें पुलिस कमिशनर (सी.पी) अमृतसर अरुण पाल सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर जनरल (आईजीपी) बार्डर रेंज मोहनीश चावला और बार्डर रेंज के एस.एस.पीज़ उपस्थित थे। दूसरी मीटिंग स्पैशल डी.जी.पी. पी.ए.पी. इकबाल प्रीत सिंह सहोता, सी.पी जालंधर गुरप्रीत सिंह तूर, डीआईजी जालंधर रेंज एस बूपती और जालंधर रेंज के एसएसपीज़ की मौजुदगी में जालंधर में हुई।

 

डी.जी.पी. वी.के भावरा ने इन मीटिंगों को संबोधन करते हुये इस बात पर ज़ोर दिया कि आतंकवाद, गैंगस्टरों और नशों के विरुद्ध कार्यवाही को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इसमें तेज़ी लानी चाहिए।

 

उन्होंने अधिकारियों को आगामी घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र किसी भी असुखद घटना से बचने के लिए और ज्यादा चौकस रहने के लिए भी कहा।

 

सीपीज़ / एसएसपीज़ को कानून व्यवस्था बनाई रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों को राज्य में शान्ति और सांप्रदायिक सदभावना को भंग करने की भद्दी कोशिशें करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही करने के भी हुक्म दिए।

 

सीनियर अधिकारियों को संबोधन करने के उपरांत डीजीपी ने संतोष जाहिर किया कि पंजाब पुलिस आंतकवाद विरोधी फ्रंट पर बढ़िया काम कर रही है और इस अपराध में शामिल लोगों की गिरफ्तारी से राज्य में पहले ही अलग-अलग माड्यूलों का पर्दाफाश किया जा चुका है।

 

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायतें भी दीं कि वह राज्य की शान्ति और भाईचारक सांझ को भंग न करने दें। उन्होंने कहा यदि कोई व्यक्ति किसी भी हिंसक गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके साथ देश के कानून अनुसार सख्ती से निपटा जाये।

 

डी.जी.पी. वी.के. भावरा ने पंजाब के लोगों को सचेत रहने के लिए अपील करते हुये कहा कि यदि उनको सार्वजनिक स्थानों, रेल गाड़ीयों, बसों या रैस्टोरैंटों आदि में कहीं भी कोई शक्की वस्तु लावारिस पड़ी मिलती है तो तुरंत पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 112 या 181 पर सूचित करें।