आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला । महात्मा गांधी मेमोरियल स्वास्थ्य सेवाएं संस्थान (MGMSC), खनेरी (रामपुर) के नर्सिंग हॉस्टल में टीबी मामलों को लेकर कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग स्पष्ट करता है कि नर्सिंग हॉस्टल में केवल 2 छात्राएं टीबी पॉजिटिव पाई गई हैं।
दोनों छात्राओं का उपचार समय पर आरंभ किया गया है, जिनमें से एक छात्रा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुकी है, जबकि दूसरी छात्रा का नियमित उपचार जारी है। सोशल मीडिया में 19 छात्राओं के संक्रमित होने की खबर पूरी तरह गलत है।
दिनांक 09.07.2025 को पहली छात्रा टीबी पॉजिटिव पाई गई थी, जिसका उसी दिन उपचार शुरू कर दिया गया तथा उसके 13 क्लोज कॉन्टैक्ट्स को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) दी गई। इसके पश्चात 09.12.2025 को एक अन्य छात्रा टीबी पॉजिटिव पाई गई, जिसका भी तुरंत उपचार आरंभ किया गया तथा उसके 3 क्लोज कॉन्टैक्ट्स को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदान की गई।
वर्तमान में 16 छात्राएं, जो उपरोक्त मामलों के क्लोज कॉन्टैक्ट्स हैं, तथा एक अन्य छात्रा जो बाहरी मरीज के संपर्क में आई थी, को भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार टीबी से बचाव हेतु प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दी जा रही है, ताकि भविष्य में संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। इनमें MDR-TB (गंभीर/बिगड़ी टीबी) का कोई भी मामला नहीं पाया गया है।
दोनों टीबी प्रभावित छात्राओं को निक्षय पोषण योजना के तहत DBT के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है तथा निक्षय मित्र के सहयोग से पोषण किट भी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामलों की पहचान होते ही तत्काल उपचार शुरू किया गया और राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की गाइडलाइंस का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, 06 मार्च 2026 को उक्त नर्सिंग हॉस्टल में टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग हेतु विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 80 छात्राओं की हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच एवं लक्षणों की स्क्रीनिंग की गई।
स्वास्थ्य विभाग सभी नागरिकों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक एवं प्रमाणिक जानकारी पर ही विश्वास करें।











