ग्राम सभा रिफॉर्म उत्सव के माध्यम से गांवों की विकास योजनाओं में सुनिश्चित होगी जनभागीदारी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

केलांग । खण्ड लाहौल की सभी 34 ग्राम पंचायतों में 02 अक्तूबर, 2026 को “ग्राम सभा-रिफॉर्म उत्सव” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पीपुल्स प्लान कैंपेन (PPC) के अंतर्गत “सबकी योजना, सबका विकास” अभियान के तहत किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है, ताकि विकास प्रक्रिया में अधिक से अधिक जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।

 

विकास खण्ड लाहौल की 34 ग्राम पंचायतों में से चार ग्राम पंचायतें—तिंदी, उदयपुर, माड़ग्राम और जुन्डा—वाटरशेड विकास घटक, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (WDC-PMKSY 2.0) के अंतर्गत शामिल हैं। इन पंचायतों में जल एवं मृदा संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सिंचाई विकास, उत्पादन प्रणाली, पौधरोपण एवं बागवानी तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत क्षेत्र में ग्रामीणों को विभिन्न गतिविधियों एवं संसाधनों से लाभान्वित किया जा रहा है। तिंदी, बड़ा, सेलहान और आघार क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्य एवं लाभार्थी गतिविधियां संचालित की गई हैं। मड़ग्रां क्षेत्र में रटोली सहित अन्य स्थानों पर क्रेट/किल्टा जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जुन्डा क्षेत्र में स्प्रिंकलर सुविधा से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को लाभ मिला है। वहीं उदयपुर एवं तिंदी क्षेत्र में डीपीआर, पावर स्प्रेयर तथा निटिंग से संबंधित गतिविधियां की जा रही हैं। सलपट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सेंटर स्थापित किया गया है। योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों से कुल 371 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

 

योजना के अंतर्गत क्षेत्र में जल एवं मृदा संरक्षण तथा सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए चेक डैम, हड़पुल, फार्म पौण्ड तथा कुहल/कुहल सिंचाई से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को पावर स्प्रेयर सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाकर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर सृजित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

वाटरशेड विकास घटक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत वर्ष 2021-26 की अवधि में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर इकाई लागत को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 22,000 रुपये तथा पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में 15,000 रुपये से बढ़ाकर 28,000 रुपये किया गया है। परियोजना की अवधि को भी 4-7 वर्ष से घटाकर 3-5 वर्ष किया गया है। इसके अतिरिक्त स्प्रिंकलर पुनर्जीवन को भी योजना के अंतर्गत एक नई गतिविधि के रूप में शामिल किया गया है।

 

खण्ड विकास अधिकारी, विकास खण्ड लाहौल ने सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों तथा आमजन से 02 अक्तूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीणों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को विकास योजनाओं में शामिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए “सबकी योजना, सबका विकास” की भावना के अनुरूप ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग देने का आग्रह किया।