आदर्श हिमाचल ब्यूरो
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान(आईआईएएस), राष्ट्रपति निवास, शिमला में आज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत संस्थान को प्रदत्त बैटरी चालित गोल्फ कार्ट का औपचारिक हस्तांतरण एवं शुभारंभ गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम आज अपराह्न 3:00 बजे पब्लिक एंट्री बिल्डिंग के समीप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ गोल्फ कार्ट की उपयोगिता, आगंतुक सुविधाओं में इसकी भूमिका तथा संस्थान परिसर में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और प्रदूषण में कमी लाने की दिशा में इसके महत्व पर संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर प्रभात कुमार, उप महाप्रबंधक (DGM), एसबीआई शिमला जोन, तथा श्रीमती अनीता गॉल हीरा, क्षेत्रीय प्रबंधक, एसबीआई शिमला, ने अन्य बैंक अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बैटरी चालित गोल्फ कार्ट की प्रतीकात्मक चाबी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी को औपचारिक रूप से भेंट की गई।
तत्पश्चात निदेशक द्वारा वाहन की पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई और इसके बाद गोल्फ कार्ट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके उपरांत गोरखा गेट से टिकट बूथ तक वाहन का प्रथम औपचारिक परिचालन भी सम्पन्न हुआ। यह सुविधा संस्थान में आने वाले पर्यटकों एवं आगंतुकों के लिए नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा उन आगंतुकों को सुविधा मिलेगी जिन्हें संस्थान के प्रवेश मार्ग पर पैदल चलने में कठिनाई होती है।
इस अवसर पर निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि, “ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान अपने विरासत परिसर में आगंतुक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देता है। बैटरी चालित गोल्फ कार्ट की यह सुविधा हरित ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन और प्रदूषण-नियंत्रण की दिशा में एक सार्थक पहल है, जिससे आगंतुकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। ”
यह पहल संस्थान के निदेशक द्वारा कुछ समय पूर्व व्यक्त उस संकल्प का मूर्त रूप भी है, जिसके अंतर्गत आगंतुक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ संस्थान परिसर में स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और सतत परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कही गई थी। बैटरी चालित यह गोल्फ कार्ट न केवल पर्यटक-सुविधा को बढ़ाएगी, बल्कि परिसर में ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी लाने की दिशा में भी एक सार्थक पहल सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्येता, अध्येता, आईयूसी एसोसिएट्स, संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने इस पहल को आगंतुक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हरित ऊर्जा के संवर्धन तथा विरासत परिसर में अधिक समावेशी एवं पर्यावरण-संगत अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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