आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला । वी.के. शर्मा DIG Rtd तथा मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा Rtd ने Shimla की पावन धरती से एक संयुक्त बयान जारी करते हुए समस्त हिमाचलवासियों से अपील की कि प्रदेश की भलाई, सुशासन और संतुलित विकास के लिए पूर्व सैनिकों एवं पूर्व अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को पंचायतों में उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए।
देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय देने के बाद भारतीय सेना और पैरामिलिट्री के सेवानिवृत्त सैनिकों का पंचायत चुनावों में भाग लेना राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत सराहनीय और स्वागत योग्य कदम होगा। सैनिक में अपनी कार्यकुशलता , देश के सभी प्रदेशों में कार्य करने का अनुभव और विपरीत परिस्थितियों में त्वरित और सटीक निर्णय लेने की भरपूर क्षमता होती है ,जो ग्राम पंचायत के विकास में बहुत ही मददगार साबित हो सकती है । सैनिक अपने अदम्य साहस और अनुशासन से और राष्ट्र प्रथम की भावना से भ्रष्टाचार और समाज में फैली अनेक कुरीतियों को समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं । केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता और ईमानदारी से लागू करवा कर एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। सैनिकों की ईमानदार शैली युवाओं को नशे से दूर करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरणा स्त्रोत होगी।

हमारा प्रदेश के प्रबुद्ध नागरिकों से आग्रह है कि सेवानिवृत्त सैनिकों को पंचायत चुनावों में आगे आने के लिए प्रेरित करें और जो चुनावों में खड़े हों ,उनका दिल खोलकर साथ दे।
हमारा प्रदेश की सरकार से भी आग्रह है कि प्रदेश वासियों के लिए जो भी कल्याणकारी योजनाएं सरकार द्वारा बनाई गई हैं उनको जनता तक पहुंचाने में सेवानिवृत सैनिकों का सहयोग लें ।ऐसा करना प्रदेश हित में बहुत ही सराहनीय कदम माना जाएगा और
अपने प्रदेश को विकसित प्रदेशों में शामिल करने के लिए एक बहुत ही बेहतरीन क़दम होगा। सैनिक जो राष्ट्र धर्म निभाने को सर्वोपरि मानते हैं आज उन्हें समाज धर्म निभाने के लिए तन मन धन से आगे आना प्रदेश के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत होगी ।
हमारा सरकार से आग्रह है कि जैसे संविधान में महिलाओं, अनुसूचित जन जाति जनजाति इत्यादि को रिजर्वेशन दिया जाता है इसी प्रकार सैनिकों और पैरामिलिट्री ( CAPF)के सैनिकों को भी ऐसी व्यवस्था से जोड़ना राष्ट्र एवं समाज हित में बहुत बड़ा ही प्रभावशाली क़दम होगा ।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त अधिकारी एवं जवान अनुशासन, नेतृत्व, प्रशासनिक अनुभव और राष्ट्रसेवा की भावना से परिपूर्ण होते हैं। यदि उन्हें पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी और प्रतिनिधित्व दिया जाए, तो वे ग्रामीण विकास, युवाओं के मार्गदर्शन, सामाजिक समरसता तथा प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य और मजबूत ग्रामीण व्यवस्था के निर्माण हेतु ऐसे अनुभवी एवं समर्पित व्यक्तियों को आगे लाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाएं तथा विकासोन्मुख सोच के साथ प्रदेश निर्माण में अपना सहयोग दें।











