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	<title>Environment - Aadarsh Himachal</title>
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		<title>शिमला में जलवायु-अनुकूल पादप स्वास्थ्य एवं सतत कृषि पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन </title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/national-seminar-on-climate-resilient-plant-health-and-sustainable-agriculture-organized-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 01:46:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला ।  ‘जलवायु सहनशीलता, खाद्य सुरक्षा एवं सतत कृषि के लिए अगली पीढ़ी की पादप स्वास्थ्य रणनीतियाँ’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी में देशभर के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, विद्यार्थी एवं कृषि उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग लेकर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों, उभरते पादप रोगों तथा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला ।  ‘जलवायु सहनशीलता, खाद्य सुरक्षा एवं सतत कृषि के लिए अगली पीढ़ी की पादप स्वास्थ्य रणनीतियाँ’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी में देशभर के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, विद्यार्थी एवं कृषि उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग लेकर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों, उभरते पादप रोगों तथा जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए नवीन वैज्ञानिक तकनीकों और प्रभावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संगोष्ठी के संयोजक एवं पादप संरक्षण विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय आयोजन का संयुक्त रूप से आयोजन इंडियन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी (उत्तरी क्षेत्र), इंडियन पोटैटो एसोसिएशन, शिमला, इंडियन सोसायटी ऑफ प्लांट पैथोलॉजिस्ट्स, लुधियाना, हिमालयन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी, सोलन तथा भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र, शिमला द्वारा किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया कि संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान के पूर्व कुलपति डॉ. एस. एस. चाहल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं उत्तर बंग कृषि विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल के पूर्व कुलपति डॉ. स्वरूप कुमार चक्रवर्ती तथा डॉ. वाई. एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन के कुलपति डॉ. एच. एस. बावेजा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. शर्मा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण नए पादप रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे कृषि उत्पादन, फसल उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे समय में यह राष्ट्रीय संगोष्ठी विशेष महत्त्व रखती है। इसमें पर्यावरण-अनुकूल, वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित पादप रोग प्रबंधन रणनीतियों के विकास तथा टिकाऊ कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दो दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य व्याख्यान, आमंत्रित विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी सत्र, मौखिक एवं पोस्टर शोध प्रस्तुतियाँ तथा वैज्ञानिक पुरस्कार सत्र आयोजित किए जाएंगे। संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न पादप रोग, आणविक निदान तकनीक, जीनोमिक्स, जीनोम संपादन, जैविक नियंत्रण, समेकित रोग प्रबंधन, रोग प्रतिरोधी फसल किस्मों के विकास तथा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल फसल संरक्षण तकनीकों जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाकृअनुप-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का एक प्रमुख आकर्षण ‘किसान–उद्योग–शोधकर्ता–नीति निर्माता संवाद’ होगा। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचारों को किसानों के खेतों तक प्रभावी रूप से पहुँचाना तथा प्रयोगशाला से खेत तक तकनीक हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना है। इस विशेष संवाद मंच के माध्यम से वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, कृषि उद्योग प्रतिनिधियों एवं किसानों के बीच सीधा विचार-विमर्श होगा, जिससे नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने, संस्थागत सहयोग बढ़ाने तथा सतत कृषि विकास के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. संतोष वाटपाडे ने बताया कि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विभिन्न संस्थानों, कृषि एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालयों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), अनुसंधान संगठनों तथा प्रमुख कृषि व्यवसाय कंपनियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मेघालय, तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों से वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता अपने शोध निष्कर्षों तथा नवीन तकनीकी उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह संगोष्ठी वैज्ञानिक ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान, बहुविषयक अनुसंधान सहयोग तथा नवीन पादप स्वास्थ्य प्रबंधन तकनीकों के विकास के लिए एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। साथ ही, इसके माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान के परिणामों को किसानों तक पहुँचाने, फसलों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में नई संभावनाएँ विकसित होंगी।</p>
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		<item>
		<title>ग्राम सभा रिफॉर्म उत्सव के माध्यम से गांवों की विकास योजनाओं में सुनिश्चित होगी जनभागीदारी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/public-participation-in-village-development-plans-will-be-ensured-through-the-gram-sabha-reform-utsav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:26:27 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>केलांग ।</strong> खण्ड लाहौल की सभी 34 ग्राम पंचायतों में 02 अक्तूबर, 2026 को “ग्राम सभा-रिफॉर्म उत्सव” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पीपुल्स प्लान कैंपेन (PPC) के अंतर्गत “सबकी योजना, सबका विकास” अभियान के तहत किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है, ताकि विकास प्रक्रिया में अधिक से अधिक जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विकास खण्ड लाहौल की 34 ग्राम पंचायतों में से चार ग्राम पंचायतें—तिंदी, उदयपुर, माड़ग्राम और जुन्डा—वाटरशेड विकास घटक, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (WDC-PMKSY 2.0) के अंतर्गत शामिल हैं। इन पंचायतों में जल एवं मृदा संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सिंचाई विकास, उत्पादन प्रणाली, पौधरोपण एवं बागवानी तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत क्षेत्र में ग्रामीणों को विभिन्न गतिविधियों एवं संसाधनों से लाभान्वित किया जा रहा है। तिंदी, बड़ा, सेलहान और आघार क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्य एवं लाभार्थी गतिविधियां संचालित की गई हैं। मड़ग्रां क्षेत्र में रटोली सहित अन्य स्थानों पर क्रेट/किल्टा जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जुन्डा क्षेत्र में स्प्रिंकलर सुविधा से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को लाभ मिला है। वहीं उदयपुर एवं तिंदी क्षेत्र में डीपीआर, पावर स्प्रेयर तथा निटिंग से संबंधित गतिविधियां की जा रही हैं। सलपट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सेंटर स्थापित किया गया है। योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों से कुल 371 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>योजना के अंतर्गत क्षेत्र में जल एवं मृदा संरक्षण तथा सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए चेक डैम, हड़पुल, फार्म पौण्ड तथा कुहल/कुहल सिंचाई से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को पावर स्प्रेयर सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाकर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर सृजित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वाटरशेड विकास घटक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत वर्ष 2021-26 की अवधि में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर इकाई लागत को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 22,000 रुपये तथा पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में 15,000 रुपये से बढ़ाकर 28,000 रुपये किया गया है। परियोजना की अवधि को भी 4-7 वर्ष से घटाकर 3-5 वर्ष किया गया है। इसके अतिरिक्त स्प्रिंकलर पुनर्जीवन को भी योजना के अंतर्गत एक नई गतिविधि के रूप में शामिल किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>खण्ड विकास अधिकारी, विकास खण्ड लाहौल ने सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों तथा आमजन से 02 अक्तूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीणों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को विकास योजनाओं में शामिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए “सबकी योजना, सबका विकास” की भावना के अनुरूप ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग देने का आग्रह किया।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल प्रदेश में 3,500 करोड़ रुपये की आपदा-रोधी आधारभूत संरचना बनेगी: मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/disaster-resilient-infrastructure-worth-%e2%82%b93500-crore-to-be-built-in-himachal-pradesh-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:16:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों  शिमला । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और राज्य को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी                             [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/disaster-resilient-infrastructure-worth-%e2%82%b93500-crore-to-be-built-in-himachal-pradesh-chief-minister/">हिमाचल प्रदेश में 3,500 करोड़ रुपये की आपदा-रोधी आधारभूत संरचना बनेगी: मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला</strong> । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और राज्य को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी                                          (डिजास्टर रेजिलिएंट) आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिमला स्थित डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) में आयोजित ‘टूवार्डस रेजिलिएंस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग इन हिमालय’ विषय पर उच्च स्तरीय कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी और भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य है, इसलिए यहां प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है।<br />
उन्होंने वर्ष 2023 की भीषण आपदा को याद करते हुए कहा कि उस समय लगभग 75,000 पर्यटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंस गए थे। सरकार, मंत्रियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया और आवश्यक सेवाओं को तेजी से बहाल किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विधायक संजय अवस्थी की भी सराहना की, जिन्होंने स्वयं चंद्रताल झील क्षेत्र में फंसे लगभग 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा में करीब 23,000 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए थे और 51 लोगों की जान चली गई थी। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने राहत नीति में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा से मिले अनुभवों के कारण सरकार वर्ष 2025 की आपदा का बेहतर तरीके से सामना कर सकी, जिससे स्थिति गंभीर होने के बावजूद नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-129927" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-300x300.jpeg" alt="" width="300" height="300" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-300x300.jpeg 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-1024x1024.jpeg 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-150x150.jpeg 150w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-768x768.jpeg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-696x696.jpeg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-1068x1068.jpeg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2-420x420.jpeg 420w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no2.jpeg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ रही बादल फटने की घटनाएं जलवायु परिवर्तन और बड़े बांधों के जलाशयों से बढ़ते वाष्पीकरण से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज यह समस्या हिमाचल में दिखाई दे रही है, लेकिन आने वाले समय में अन्य राज्यों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विकास की नीतियों में आवश्यक बदलाव और साहसिक फैसले लेने होंगे और राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल आधारभूत संरचना के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, मजबूत और समावेशी भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यशाला से मिले सुझाव भविष्य की नीतियां बनाने में उपयोगी साबित होंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘टुवर्ड्स रेजिलिएंट हिमाचल प्रदेशः लेसनस एंड रिकमडेशनज फ्रॉम 2023 और 2025 हाइड्रो मेट्रोलॉजिकल डिजास्टर’ शीर्षक से रिपोर्ट का विमोचन भी किया। इसके अलावा ‘हिमाचल सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (एसआईएयू पोर्टल)’ भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल बेहतर डेटा आधारित निर्णय लेने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-129929" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-300x300.jpeg" alt="" width="300" height="300" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-300x300.jpeg 300w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-1024x1024.jpeg 1024w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-150x150.jpeg 150w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-768x768.jpeg 768w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-696x696.jpeg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-1068x1068.jpeg 1068w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4-420x420.jpeg 420w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/no4.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने कहा कि पश्चिमी हिमालय पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है और हाल के वर्षों में यहां प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आपदा-रोधी विकास, मजबूत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, संवेदनशील हिमनदीय झीलों की लगातार निगरानी, पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग इंजीनियरिंग मानक और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं से आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान हुआ और कई लोगों की जान गई। सरकार का लक्ष्य केवल क्षतिग्रस्त ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करना है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-129940" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881-169x300.jpg" alt="" width="169" height="300" srcset="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881-169x300.jpg 169w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881-576x1024.jpg 576w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881-696x1237.jpg 696w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881-236x420.jpg 236w, https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260706-WA04881.jpg 720w" sizes="(max-width: 169px) 100vw, 169px" /><br />
नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को पहले से ही भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और अब वैश्विक तापमान वृद्धि ने इन्हें और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि आपदा-रोधी विकास के लिए सभी विभागों और संस्थाओं के सहयोग से व्यापक नीति अपनानी होगी। उन्होंने वर्ष 2023 की आपदा को एक चेतावनी बताते हुए समय रहते ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के सेंटर हेड देबोजीत पालित, निदेशक हिप्पा रूपाली ठाकुर, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
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		<title>बहन को बिदाई देने के बाद उठी भाई की अर्थी</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/brothers-funeral-procession-started-after-bidding-farewell-to-sister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:00:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; आदर्श हिमाचल ब्यूरों कांगड़ा। जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाड़ी के गांव बढ़ाल में मंगलवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। 30 वर्षीय युवक अपनी बहन की विदाई करा कर घर लौट रहा था, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे में उसकी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>कांगड़ा।</strong> जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाड़ी के गांव बढ़ाल में मंगलवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। 30 वर्षीय युवक अपनी बहन की विदाई करा कर घर लौट रहा था, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जिस घर में कुछ घंटे पहले शहनाइयां गूंज रही थीं और बहन की डोली विदा हुई थी, वहीं भाई की मौत की खबर पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस हृदयविदारक घटना ने एक ही दिन में परिवार से शादी की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डुबो दिया।</p>
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		<item>
		<title>शिमला यूनिवर्सिटी ने रचा इतिहास! पर्यावरण संरक्षण में मिला &#8216;गोल्ड&#8217; का तमगा!</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shimla-university-makes-history-awarded-gold-for-environmental-conservation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 01:22:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला । पर्यावरण की रक्षा और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में हिमाचल प्रदेश की शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) ने एक बड़ी कामयाबी अपने नाम कर ली है! शिमला यूनिवर्सिटी को &#8220;भारत पर्यावरण प्रोग्राम&#8221; में शानदार भागीदारी और यूनिवर्सिटी कैंपस में पर्यावरण संरक्षण अभियान, साफ-सफाई, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रीसाइक्लिंग, ग्रीन एनर्जी, और कचरा प्रबंध [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p><strong>शिमला ।</strong> पर्यावरण की रक्षा और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में हिमाचल प्रदेश की शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) ने एक बड़ी कामयाबी अपने नाम कर ली है! शिमला यूनिवर्सिटी को &#8220;भारत पर्यावरण प्रोग्राम&#8221; में शानदार भागीदारी और यूनिवर्सिटी कैंपस में पर्यावरण संरक्षण अभियान, साफ-सफाई, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रीसाइक्लिंग, ग्रीन एनर्जी, और कचरा प्रबंध के लिए सम्मानित किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><!--[if lt IE 9]><script>document.createElement('video');</script><![endif]-->
<video class="wp-video-shortcode" id="video-129845-1" width="640" height="361" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4?_=1" /><a href="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4">https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4</a></video></div>
<p>​इतना ही नहीं शिमला यूनिवर्सिटी को &#8220;गोल्ड सस्टेनेबल कैंपस पार्टनर&#8221; का बेहद प्रतिष्ठित दर्जा भी मिला है! यह हिमाचल प्रदेश और शिमला यूनिवर्सिटी के लिए एक गर्व का पल है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>​भारत सरकार द्वारा पृथ्वी सप्ताह के दौरान 22 से 29 अप्रैल 2026 तक एक महा-अभियान चलाया गया था, जिसका नाम था &#8216;भारत सस्टेनेबिलिटी कैंपस मिशन 2026&#8217;। इस खास प्रोग्राम का आयोजन रिसर्च हाइट्स फाउंडेशन हैदराबाद द्वारा एनवायरमेंट प्रोटेक्शन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईपीटीआरई) के सहयोग से किया गया था और इस प्रोग्राम में भारत की लगभग चार सौ यूनिवर्सिटीज ने भाग लिया था और पर्यावरण की रक्षा और सस्टेनेबिलिटी से संबंधित किए गए कार्यों को प्रस्तुत किया गया था और इस मिशन में शिमला यूनिवर्सिटी ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को साबित कर दिखाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिमला यूनिवर्सिटी को यह सम्मान उनके कैंपस में पर्यावरण जागरूकता, सस्टेनेबिलिटी से जुड़े बेहतरीन कार्यों, और छात्र-छात्राओं व फैकल्टी की सक्रिय भागीदारी के लिए दिया गया है। शिमला यूनिवर्सिटी के कैंपस ने रीसाइक्लिंग, ग्रीन एनर्जी, और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है और पर्यावरण की दृष्टि से यूनिवर्सिटी का इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैंपस पेड़- पौधों से हरा- भरा और हमेशा स्वच्छता को संजोए हुए है। एनएसएस के स्वयं सेवियों, छात्रों, प्रोफेसरों, डीन ने मिलकर &#8216;सस्टेनेबल भारत&#8217; के विजन को धरातल पर उतारने के लिए कड़ी मेहनत की है। इस उपलब्धि के बाद शिमला यूनिवर्सिटी को 01 जून 2026 को रिसर्च हाइट्स फाउंडेशन द्वारा आधिकारिक सर्टिफिकेट जारी कर सम्मानित किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>​एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डॉ. प्यार ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ एक सर्टिफिकेट व अवार्ड नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए शिमला यूनिवर्सिटी की एक बड़ी पहल और प्रेरणा है। इस उपलब्धि पर शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान, प्रो-चांसलर प्रो. रमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, रजिस्ट्रार प्रो. आर.एल. शर्मा, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आनंदमोहन शर्मा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. डॉ. नीलम शर्मा, डीन फैकल्टी प्रो. डॉ. अश्वनी शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. ज्योत्सना शर्मा, डीन डॉ. मनिंदर कौर और यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने शिमला यूनिवर्सिटी की एनएसएस यूनिट, एनएसएस स्वयं सेवियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल को मिली बड़ी सफलता, आठ वर्ष पुराना वित्तीय विवाद सुलझा : मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/himachal-pradesh-achieves-major-success-in-kishau-dam-project-eight-year-old-financial-dispute-resolved-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:45:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACHIEVEMENT]]></category>
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		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; शिमला । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में प्रदेश के हितों की रक्षा करते हुए एक और मील पत्थर हासिल किया है। &#160; मुख्यमंत्री के सतत प्रयासों से लगभग 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली 422 मेगावाट [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला</strong> । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में प्रदेश के हितों की रक्षा करते हुए एक और मील पत्थर हासिल किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री के सतत प्रयासों से लगभग 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश हित की मजबूती से पैरवी की और पिछले आठ वर्षों से परियोजना की वित्तीय लागत वहन करने से संबंधित गतिरोध को समाप्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत सरकार ने परियोजना केे जल घटक के रूप में लाभान्वित होने वाले राज्यों दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा द्वारा हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक के रूप में होने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री के दृढ़ प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश को होने वाला वित्तीय बोझ कम होगा, जबकि पूर्व की सरकार ऐसा करने में सफल नहीं हो पाई थी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश हित में इसे स्वीकार नहीं किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि परियोजना के जल घटक के लिए भारत सरकार 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करवा रही है, इस स्थिति में विद्युत घटक के लिए इसी प्रकार की सहायता न मिलना अनुचित था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के कारण विस्थापन का सबसे अधिक प्रभाव हिमाचल प्रदेश की आबादी पर पड़ेगा और राज्य को इससे अधिक नुकसान होगा। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना न्यायसंगत नहीं था तथा राष्ट्र निर्माण में हिमाचल प्रदेश के योगदान की उचित प्रतिपूर्ति की जानी चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के उपरान्त राज्य को विद्युत घटक के रूप में प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी मिलेगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी। इससे राज्य के वित्तीय संसाधनों में महत्त्वपूर्ण वृद्धि होगी।<br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सदैव प्रदेश और प्रदेशवासियों के हितों को सर्वाेपरि रखा है तथा उनकी प्रभावी ढंग से रक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने बिजली परियोजनाओं में राज्य के वैध अधिकार, लंबित बकाया राशि तथा अन्य हितों की लड़ाई में हिमाचल प्रदेश की एक बड़ी जीत बताया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, लाभान्वित राज्यों के मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के. के. पंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह तथा ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति भी उपस्थित थे।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/himachal-pradesh-achieves-major-success-in-kishau-dam-project-eight-year-old-financial-dispute-resolved-chief-minister/">किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल को मिली बड़ी सफलता, आठ वर्ष पुराना वित्तीय विवाद सुलझा : मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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		<item>
		<title>विश्व पर्यावरण दिवस: शूलिनी साइक्लिंग क्लब ने लोगों को किया पर्यावरण के प्रति जागरूक</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/world-environment-day-shoolini-cycling-club-makes-people-aware-about-the-environment/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 02:43:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, शूलिनी विश्वविद्यालय साइक्लिंग क्लब ने पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक साइकिल रैली का आयोजन किया। इस रैली में स्थिरता और फिटनेस का सशक्त संदेश दिया गया। शूलिनी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/world-environment-day-shoolini-cycling-club-makes-people-aware-about-the-environment/">विश्व पर्यावरण दिवस: शूलिनी साइक्लिंग क्लब ने लोगों को किया पर्यावरण के प्रति जागरूक</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></div>
<div></div>
<div></div>
<div><strong> सोलन</strong> । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, शूलिनी विश्वविद्यालय साइक्लिंग क्लब ने पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक साइकिल रैली का आयोजन किया। इस रैली में स्थिरता और फिटनेस का सशक्त संदेश दिया गया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>शूलिनी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर विक्रांत चौहान द्वारा समन्वित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रशिक्षित साइकिल चालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उल्लेखनीय ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ साइकिल चलाई। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और साइकिल को मोटर चालित परिवहन के एक स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकल्प के रूप में उजागर करना था।</div>
<div></div>
<div>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-129624-2" width="640" height="361" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0076.mp4?_=2" /><a href="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0076.mp4">https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0076.mp4</a></video></div>
</div>
<div></div>
<div>प्रतिभागियों ने निर्धारित मार्गों पर प्रदूषण कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ एवं हरित भविष्य में योगदान देने का संदेश दिया। यह रैली भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा में नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>इस अवसर पर बोलते हुए, विक्रांत चौहान ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण छोटे लेकिन सार्थक कार्यों से शुरू होता है, और साइकिल चलाना एक ऐसा ही कदम है जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य और ग्रह दोनों के लिए लाभकारी है। इस आयोजन ने छात्रों और व्यापक समुदाय के बीच पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>क्लब ने शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग के एसोसिएट डीन, प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा ​​के बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और निरंतर समर्थन को स्वीकार किया, जिनकी प्रेरणा ने इस आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</div>
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			</item>
		<item>
		<title>शूलिनी विश्वविद्यालय में &#8216;एक पेड़ मां के नाम&#8217; अभियान के तहत वृक्षारोपण अभियान के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/shoolini-university-celebrated-world-environment-day-with-a-tree-plantation-drive-under-the-campaign-ek-ped-maa-ke-naam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:30:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों सोलन । विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने परिसर के वृंदावन गार्डन क्षेत्र में राष्ट्रव्यापी &#8216;एक पेड़ मां के नाम&#8217; अभियान के तहत वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) एस. डी. मेहता, निदेशक संचालन, शूलिनी विश्वविद्यालय, और प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन छात्र कल्याण [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></div>
<div></div>
<div><strong>सोलन</strong> । विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने परिसर के वृंदावन गार्डन क्षेत्र में राष्ट्रव्यापी &#8216;एक पेड़ मां के नाम&#8217; अभियान के तहत वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) एस. डी. मेहता, निदेशक संचालन, शूलिनी विश्वविद्यालय, और प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) ने किया।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और उनका पालन-पोषण जलवायु परिवर्तन से निपटने, पारिस्थितिक संतुलन में सुधार करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक</div>
<div>वृंदावन गार्डन क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और बड़ी संख्या में पौधे लगाए। प्रतिभागियों ने पौधों की देखभाल करने और हरे-भरे परिसर को बनाए रखने में योगदान देने का भी संकल्प लिया।</div>
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			</item>
		<item>
		<title>शिमला क्रिकेट कार्निवल 2026 को मुख्यमंत्री सुक्खू का समर्थन, युवाओं के लिए बनेगा नई सोच का मंच</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/chief-minister-sukhu-supports-shimla-cricket-carnival-2026-will-create-a-platform-for-new-thinking-for-the-youth/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 12:36:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आदर्श हिमाचल ब्यूरों शिमला । हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी शिमला” के प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश के  मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू से  सचिवालय में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी “शिमला क्रिकेट कार्निवल 2026” के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। यह भव्य क्रिकेट कार्निवल 1 जून से 13 जून [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों</strong></p>
<p><strong> शिमला ।</strong> हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी शिमला” के प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश के  मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू से  सचिवालय में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी “शिमला क्रिकेट कार्निवल 2026” के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। यह भव्य क्रिकेट कार्निवल 1 जून से 13 जून 2026 तक पुलिस ग्राउंड भराड़ी, शिमला में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि “चिट्टा मुक्त शिमला” और “पर्यावरण संरक्षण” जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्यों को समर्पित एक जन-जागरूकता अभियान भी है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 13 जून को होने वाले समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-129516-3" width="640" height="361" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4?_=3" /><a href="https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4">https://aadarshhimachal.com/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260517-WA0075.mp4</a></video></div>
<p>मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों से जोड़ने की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर शिमला नगर निगम के महापौर  सुरेंद्र चौहान, अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक  संजय अवस्थी, शिमला क्रिकेट कार्निवल के चेयरमैन  मनोज चौहान तथा अध्यक्ष  विरेंद्र बॉश्टू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्निवल की मुख्य विशेषताओं में “नशा छोड़ो, खेल खेलो” अभियान, नगर निगम के 34 वार्डों के 1000 से अधिक युवाओं की भागीदारी, “हर डॉट बॉल – एक पेड़” पर्यावरण अभियान तथा पहली बार फ्लडलाइट्स के बीच डे-नाइट क्रिकेट मैचों का आयोजन शामिल है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सोसायटी ने इस क्रिकेट कार्निवल को अपने दिवंगत साथियों  संजीव ठाकुर,  अमित ठाकुर,  नीरज ठाकुर और  अविनाश नेगी को समर्पित किया है, जिनका निधन वर्ष 2023 में शिव बावड़ी आपदा के दौरान हुआ था।<br />
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और समाज में खेल भावना के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट<br />
www.shimlacricketcarnival.com पर विजिट करें।<br />
#ShimlaCricketCarnival2026 #ChittaMuktShimla #NashaMuktHimachal #SukhvinderSinghSukhu #YouthPower #HarDotBallEkPed #EnvironmentProtection #DayNightCricket #ShimlaNews #SportsForCause #AdarshHimachal</p>
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			</item>
		<item>
		<title>विश्व पर्यावरण दिवस पर नशे के खिलाफ जागरूकता एवं स्वच्छ, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल</title>
		<link>https://aadarshhimachal.com/an-initiative-to-promote-awareness-against-drug-abuse-and-a-clean-healthy-lifestyle-on-world-environment-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Devinder Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 09:05:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Concepts]]></category>
		<category><![CDATA[DESH-DUNIA]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; आदर्श हिमाचल ब्यूरों &#160; शिमला । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा 5 जून 2026 को द रिज, शिमला में “एंटी-चिट्टा एवं स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता मिनी मैराथन 2026” का आयोजन किया जाएगा। &#160; &#160; इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं एवं आमजन को नशे के विरुद्ध एकजुट करना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/an-initiative-to-promote-awareness-against-drug-abuse-and-a-clean-healthy-lifestyle-on-world-environment-day/">विश्व पर्यावरण दिवस पर नशे के खिलाफ जागरूकता एवं स्वच्छ, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>आदर्श हिमाचल ब्यूरों </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>शिमला</strong> । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा 5 जून 2026 को द रिज, शिमला में “एंटी-चिट्टा एवं स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता मिनी मैराथन 2026” का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं एवं आमजन को नशे के विरुद्ध एकजुट करना तथा पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>विश्व पर्यावरण दिवस : पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक संदेश</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस अभियान को नशा उन्मूलन और स्वस्थ समाज निर्माण के संदेश से जोड़ा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“<strong>चिट्टा” के खिलाफ अभियान तेज करेगी हिमाचल प्रदेश पुलिस</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह मिनी मैराथन युवाओं एवं आमजन में बढ़ते नशे, विशेषकर “चिट्टा”, के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। साथ ही स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के महत्व का संदेश भी दिया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह पहल युवाओं के भविष्य की सुरक्षा तथा जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p>पुलिस एवं पर्यावरण विभाग की संयुक्त पहल</p>
<p>इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश पुलिस एवं पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थान, सरकारी विभागों के कर्मचारी, खेल संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं पर्यावरण समूह भाग लेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने युवाओं से भागीदारी की अपील</p>
<p>हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पहल की सराहना करते हुए नशे एवं पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा:</p>
<p>“हिमाचल प्रदेश का युवा हमारे राज्य की शक्ति और भविष्य है। इस जागरूकता मैराथन के माध्यम से हम युवाओं को फिटनेस, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त जीवनशैली के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। मैं सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर इसे जन आंदोलन बनाने की अपील करता हूं।”</p>
<p>डीजीपी अशोक तिवारी का संदेश : नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन जरूरी</p>
<p>हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस कड़े प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से नशे के खिलाफ लगातार कार्य कर रही है।</p>
<p>डीजीपी ने कहा:</p>
<p>“चिट्टा के खिलाफ लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन की चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इस मैराथन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश पुलिस युवाओं एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना चाहती है। प्रत्येक नागरिक की भागीदारी स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के मिशन को मजबूत करेगी।”</p>
<p>मैराथन कार्यक्रम एवं समय-सारिणी</p>
<p>मिनी मैराथन : 10 किलोमीटर<br />
ड्रीम रन : 3 किलोमीटर</p>
<p>स्थान : द रिज, शिमला<br />
दिनांक : 05 जून 2026<br />
रिपोर्टिंग समय : प्रातः 6:00 बजे<br />
फ्लैग ऑफ : प्रातः 6:15 बजे</p>
<p>फिटनेस, जागरूकता और नशामुक्त समाज की ओर कदम</p>
<p>इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक फिटनेस, स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवनशैली तथा नशे के विरुद्ध सामूहिक जागरूकता के लिए प्रेरित करना है।</p>
<p>यह अभियान हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने हेतु सामुदायिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा।</p>
<p><strong>युवाओं के लिए प्रेरणादायक अभियान संदेश</strong></p>
<p>“स्वच्छ पर्यावरण और नशामुक्त जीवन के लिए दौड़ें”</p>
<p>हर कदम बनेगा चिट्टे के खिलाफ आवाज़</p>
<p>यह अभियान प्रत्येक प्रतिभागी को नशे एवं पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता का दूत बनाने का प्रयास करेगा।</p>
<p>जनसामान्य से उत्साहपूर्वक भागीदारी की अपील</p>
<p>प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण हेतु आधिकारिक प्रचार सामग्री में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए डायल 112 पर संपर्क किया जा सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश पुलिस ने विद्यार्थियों, युवाओं, खेल प्रेमियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से इस जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के सामूहिक संकल्प को साकार किया जा सके।</p>
<p>The post <a href="https://aadarshhimachal.com/an-initiative-to-promote-awareness-against-drug-abuse-and-a-clean-healthy-lifestyle-on-world-environment-day/">विश्व पर्यावरण दिवस पर नशे के खिलाफ जागरूकता एवं स्वच्छ, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल</a> appeared first on <a href="https://aadarshhimachal.com">Aadarsh Himachal</a>.</p>
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