शिमला: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार दोपहर भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत चार लोगों की मौत हो गई. पीड़ितों में सीकर के एक परिवार के तीन सदस्य और जयपुर का एक 34 वर्षीय आयुर्वेदिक डॉक्टर शामिल हैं.अनुराग बियाणी (31), उनकी मां माया देवी बियाणी (55), और उनकी बहन ऋचा बियाणी (25) राजस्थान के सीकर जिला के मूल निवासी थे. वे शुक्रवार को ही हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुए थे.

अनुराग के चाचा रमेश बियाणी ने बताया कि अनुराग हाल ही में मुंबई से सीकर आया था. “उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी और कंपनी सचिव उम्मीदवारों को ऑनलाइन पढ़ाने से पहले मुंबई में विभिन्न कंपनियों में काम किया था. उनकी बहन ऋचा मंगलवार को मुंबई से सीकर आई थीं. शुक्रवार को अनुराग ने मुझे बताया कि वह अपनी मां और बहन के साथ घूमने जा रहा है.” उन्होंने बताया कि अनुराग के पिता और बड़ी बहन मुंबई में हैं.

पत्थर गिरने से मरने वालों में आयुर्वेदिक चिकित्सक दीपा शर्मा भी शामिल हैं, जो जयपुर के शांति नगर में अपनी मां के साथ रहती थीं. वह शुक्रवार को टूर बुक कर हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुई थीं. हमने उससे न जाने के लिए कहा था.” दीपा के भाई महेश शर्मा ने को बताया. दीपा ने हादसे से कुछ घंटे पहले हिमाचल प्रदेश के सुरम्य स्थानों से अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड की थीं. महेश ने कहा, “वह एक आयुर्वेदिक डॉक्टर थीं और अपना क्लिनिक चलाती थीं.”

दीपा का परिवार तबाह हो गया जब उन्हें घटना के बारे में पता चला और कहा कि वे हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों के संपर्क में हैं. उसके पड़ोसी रूपिंदर सिंह ने कहा, “वह अपनी मां के साथ रहती थी और हर किसी की मदद करती थी, पड़ोस में हम सभी को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो सकता है.”
दीपा और उनकी मां करीब एक दशक पहले अपने शांति नगर स्थित घर में चले गए थे, मानसरोवर के पास शहर के हीरापथ इलाके में परिवार का एक घर भी है. उसके भाई और बहन अलग-अलग शहरों में रहते हैं और काम करते हैं.

पड़ोसियों ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 के दौरान बहुत से लोगों की मदद की थी. किन्नौर के पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने कहा कि पुलिस ने घटना के बाद पीड़ितों के परिवारों से बात की है. अधिकारियों ने बताया कि दीपा के पार्थिव शरीर को नई दिल्ली के हिमाचल भवन में लाने की व्यवस्था की गई थी ताकि उनका परिवार उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर सके.

मृतकों में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले निवासी नौसेना के जवान अमोघ बापट  31 वर्षीय भी शामिल हैं. उनकी पोस्टिंग अंडमान निकोबार में थी. वह  15 दिन की छुट्टी पर घर आए थे. पिछले रविवार माता-पिता से मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश में शिमला जाने के लिए अपने दोस्त सतीश कटकवार के साथ आए थे . सतीश की भी हादसे में मृत्यु हो गई है.

 

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