मार्च 2026 से पहले हेल्थ इंश्योरेंस में टैक्स का फायदा ज़रूर उठाएं

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला ।अमरनाथ सक्सेना, चीफ टेक्निकल ऑफिसर – कमर्शियल, बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व नाम बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड)
आजकल के दौर में मेडिकल खर्चों में जिस तरह से बढ़ोतरी हो रही है, उसे देखते खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए आपके पास एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस का होना बेहद ज़रूरी है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में हर साल 3-7% तक लोग गरीबी रेखा के नीचे सिर्फ इसलिए चले जाते हैं क्योंकि हेल्थकेयर के खर्चों पर उन्हें अपनी जेब से अत्यधिक भुगतान करना पड़ता है. ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ समाज में आर्थिक रूप से कमज़ोर तबकों पर इसका खासा असर देखने को मिल रहा है. हेल्थकेयर के खर्चों में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में आपके पास एक उपयुक्त कवरेज का होना बेहद ज़रूरी है, ताकि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आप और आपका परिवार किसी भी तरह के आर्थिक संकट से पूरी तरह से सुरक्षित रहे.

 

 

हेल्थ इंश्योरेंस आपके लिए सिर्फ एक सुरक्षा कवच भर नहीं होता है, बल्कि यह इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत आपको टैक्स बचत की भी सुविधा देता है. यही वजह है कि यह सेहत और धन-संपत्ति, दोनों की दृष्टि से एक समझदारी भरा निवेश है. यानी अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस की प्रीमियम भरते हैं, तो आप 80D के तहत इन कटौतियों और कुछ विशेष मेडिकल खर्चों के लिए भी क्लेम कर सकते हैं.

 

 

हेल्थ इंश्योरेंस में किस सेक्शन के तहत आप इनकम टैक्स कटौती के लिए क्लेम कर सकते हैं?
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80D के तहत जो भी व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस की प्रीमियम का भुगतान करते हैं, वे एक वित्त वर्ष में ₹25,000 तक की कटौती के लिए क्लेम कर सकते हैं. हालांकि अगर आप एक बुज़ुर्ग व्यक्ति हैं, तो यह लिमिट ₹50,000 तक की है. इन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में आप और आपके जीवनसाथी, बच्चे और माता-पिता भी कवर किए जा सकते हैं.
इसके अलावा, अगर आप अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस की प्रीमियम का भुगतान करते हैं, तो आप यहां भी कटौतियों के लिए क्लेम कर सकते हैं. अगर वृद्ध माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से कम है तो यह लिमिट ₹25,000 है और यदि वे वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह लिमिट बढ़ते हुए ₹50,000 तक पहुंच जाती है. यानी आप और आपके जीवनसाथी के साथ-साथ आपके माता-पिता भी वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में हैं, तो 80D के तहत एक वित्त वर्ष में यह लिमिट बढ़ते हुए ₹1,00,000 तक पहुंच सकती है.

 

 

अगर आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक (जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है) हैं, तो आप उनके मेडिकल खर्चों के लिए भी क्लेम कर सकते हैं, जिसकी अधिकतम लिमिट ₹50,000 तक है. हालांकि ऐसे मामलों में उनके पास किसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का न होना ज़रूरी है. साथ ही, मेडिकल खर्चों का भुगतान कैशलेस तरीकों से किया जाना चाहिए, जैसे कि यूपीआई, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, बैंक ट्रांसफर या चैक के ज़रिए. केवल प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए नकद भुगतान की सुविधा दी गई है. इन खर्चों में डॉक्टर से परामर्श, दवाई और हॉस्पिटलाइज़ेशन की फीस शामिल हैं.
सेक्शन 80D के तहत आपको प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के दौरान हुए खर्चों पर भी क्लेम की सुविधा मिलती है. इसकी अधिकतम लिमिट ₹5,000 है और इसके लिए आपके पास उपयुक्त डॉक्यूमेंट होने चाहिए. साथ ही ध्यान दें कि इसके लिए आप नकद भुगतान न करें.
इस बात पर ज़रूर ध्यान दें कि ये कटौतियां केवल तभी ली जा सकती हैं जब आप पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत नामांकन करते हैं, न कि नई टैक्स व्यवस्था के. भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान टैक्स कटौतियों में बड़े बदलावों की घोषणा की और लगभग 70 टैक्स कटौतियां खत्म कर दी गईं, जिनमें नई व्यवस्था के तहत सेक्शन 80D भी शामिल है. इसलिए ज़रूरी है कि टैक्स कटौती पर लाभ उठाने के लिए आप पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स फाइल करें, ताकि आप सेक्शन 80D के तहत इन कटौतियों का पूरा फायदा उठा पाएं.

 

इस देश के हरेक व्यक्ति के पास हेल्थ इंश्योरेंस होना ही चाहिए ताकि अनिश्चितता के इस दौर में वे खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित रख पाएं. हेल्थ इंश्योरेंस आपको दो तरह से सुरक्षा प्रदान करते हैं, ये आपके स्वास्थ्य की रक्षा तो करते ही हैं, साथ ही वित्तीय स्थिरता भी प्रदान करते हैं. और तो और ये आपको इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80D के तहत ज़बरदस्त टैक्स लाभ भी देते हैं. इसलिए आपको इनकी अनदेखी कतई नहीं करनी चाहिए.
इन कटौतियों की लिमिट और शर्तों को समझकर आप न केवल अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं, बल्कि अपने और अपने परिवार के लिए संपूर्ण हेल्थ कवरेज का फायदा भी उठा सकते हैं. आज ही अपने लिए एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनें क्योंकि आपके बेहतर कल के लिए यह एक स्वास्थ्यवर्धक निवेश है.