कंपनी ने थमाए 108 व 102 एंबुलेंस कर्मियों को बर्खास्ती के आदेश, कर्मचारियों ने सरकार से लगाई गुहार

सरकार की तरफ से मिला है समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन

 

 
आदर्श हिमाचल ब्यूरो
शिमला।प्रदेश में कोरोना काल में वित्तीय संकट से गुजर रही जीवीके कंपनी ने इस सेवा को सुचारू रखने में असमर्थता जताते हुए अपने कर्मचारियों को बर्खास्ती के आदेश थमा दिए हैं। अब कंपनी बुधवार यानी15 जुलाई से प्रदेश में जारी अपनी 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं को बंद कर देगी।
अभी वर्तमान समय में प्रदेश में कंपनी के पास 108 और 102 में लगभग 12 सौ कर्मचारी काम कर रहे है । हिमाचल 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद पूर्ण चंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि जीवीके ईएमआरआई कम्पनी सभी कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही हैं।
कंपनी के द्वारा सभी कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के टर्मिनेशन लेटर 25 जून को दिए गए थे और कहा गया था कि 30 जून के बाद कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी क्योंकि कंपनी का करारनामा हिमाचल सरकार के साथ खत्म हो चुका है जबकि प्रदेश सरकार के साथ करारनामा 2021 तक है।
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इस विषय में 29 जून को 108/102 कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन के पदाधिकारी  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर डी धीमान व निदेशक स्वास्थ्य मिशन निपुण जिंदल से मिला था।  सरकार ने उस वक़्त यूनियन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया गया था कि सरकार के द्वारा कम्पनी को नोटिस जारी कर दिया गया हैं तथा कम्पनी अभी अपना करारनामा खत्म करके नहीं जाएगी।
सरकार ये इसी आश्वासन के बाद कंपनी ने सभी कर्मचारियों की सेवाएं 15 जुलाई तक बढ़ा दी थी। पूर्ण चंद ने आरोप लगाया कि आज 13 तारीख हो गई है और अभी तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है जबकि उच्च न्यायालय ने कहा है कि 7 तारीख के पहले पहले सभी कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना होगा।
हिमाचल 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य को इस बारे ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया है कि कंपनी घोटाले में फंसी है। कर्मचारियों को 15 हजार मासिक वेतन की जगह 8 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
हालांकि अभी भी कर्मचारियों का वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के लिए कोरोना के मरीजों को ले जाने का जिम्मा 108 पर रहता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि कंपनी के साथ इस मामले पर बात चल रही है। जल्द समाधान निकाला जाएगा।