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बोले..गरीबों की सेवा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें बैंक मुकेश अग्निहोत्री

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  आदर्श हिमाचल ब्यूरों                                                   
चिंतपूर्णी (ऊना) उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने  चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा परिसर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी कुमार, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव, यूको बैंक के धर्मशाला अंचल प्रमुख कमल शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बैंकों से गरीब, जरूरतमंद एवं कमजोर वर्ग की सेवा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक मजबूरी में ऋण चुकाने में असमर्थ व्यक्ति के साथ डराने-धमकाने के बजाय संवेदनशील, मानवीय एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
श्री अग्निहोत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की दूरदर्शिता को स्मरण करते हुए कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण से देश की बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ हुई और आम जनता की जमा पूंजी सुरक्षित हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकरण ने बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने लोगों से धन को दोगुना करने जैसे प्रलोभनों से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि गलत स्थानों पर निवेश करने से लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान क्रिप्टो करेंसी से जुड़े कई धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश में यूको बैंक लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 200 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने बताया कि ठठल स्थित यूको बैंक शाखा का कारोबार लगभग 130 करोड़ रुपये का है और नवीकृत शाखा परिसर से क्षेत्रवासियों को आधुनिक, सुगम एवं बेहतर बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त होंगी।

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन निर्माण को मिलेगी गति

उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत विधायक सुदर्शन सिंह बबलू की सराहना की। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य आरंभ करवाया जाए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 150 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में श्री चिंतपूर्णी में नया बस अड्डा भी निर्मित किया जाएगा तथा विधायक की मांग के अनुरूप अन्य विकास कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस अवसर पर यूको बैंक की ओर से स्कूली बच्चों को बैग वितरित किए गए तथा जनसुविधा की दृष्टि से उपमंडल प्रशासन को दो व्हीलचेयर भी भेंट की गईं।

श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में जल योजनाओं पर 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे : सुदर्शन बबलू

विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए हाल ही में स्वीकृत 12 करोड़ रुपये की राशि के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ठठल पंचायत में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने तथा नई पाइप लाइनें बिछाने का कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित हुई है।

विधायक ने यूको बैंक की नवीकृत शाखा के उद्घाटन के लिए भी उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने बैंक शाखा के साथ अपने पुराने संबंधों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत यहीं से मात्र एक लाख रुपये का ऋण लेकर की थी। आज उनकी दो फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनका वार्षिक कारोबार लगभग 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है तथा वे प्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहे हैं।

बैंक की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं लोग : अश्वनी कुमार

इस अवसर पर यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी कुमार ने केंद्र एवं राज्य सरकार तथा बैंक की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की उन्नति का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय प्रणाली में पड़ी निष्क्रिय अथवा अप्राप्त पूंजी को नागरिकों तक शीघ्र पहुंचाने के उद्देश्य से ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।
बैंक के धर्मशाला अंचल प्रमुख कमल शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने का संदेश दिया।

तकनीकी बदलावों के साथ स्वयं को अपग्रेड करें प्रशिक्षणार्थी: राजेश धर्माणी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

बिलासपूर । नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को अर्जित ज्ञान एवं कौशल में व्यावहारिकता लाते हुए समय के साथ हो रहे तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखकर स्वयं को निरंतर अपग्रेड करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही मायनों में व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश आगे बढ़ता है। उन्होंने सामाजिक मेल-जोल विकसित करने तथा देश व प्रदेश के विकास में सहायक बनने के लिए एक सशक्त नेटवर्क विकसित करने का भी आह्वान किया। राजेश धर्माणी आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरित करने के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।

 

 

उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के इस अहम कदम से आने वाले समय में जल रक्षकों को नियमित नौकरी के साथ-साथ उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने जल रक्षकों से संपूर्ण निष्ठा एवं समर्पण भाव के साथ ग्रामीण स्तर पर लोगों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

 

राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के कारण अनेक तकनीकी पाठ्यक्रमों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों में संचालित विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में एआई को केंद्र में रखते हुए व्यापक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों से कुशल मानव संसाधन प्रशिक्षित होकर बाहर निकले, ताकि वे देश व प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दे सकें।

 

 

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का यह समय व्यावसायिक, व्यक्तिगत एवं सामाजिक रूप से स्वयं को स्थापित करने का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि तकनीकी श्रम शक्ति ही समाज की समस्याओं का बेहतर समाधान उपलब्ध कराती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रशिक्षणार्थी अपनी तकनीकी एवं कौशल क्षमताओं में समय के साथ निरंतर सुधार करते रहें। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने तथा व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने का भी आह्वान किया।

 

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निजी उद्यमों के साथ सहयोग कर प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई में चल रहे विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में निजी उद्यमों की भागीदारी सुनिश्चित होने से न केवल प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बल मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों से सही एवं सटीक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही जीवन में अपने निर्धारित लक्ष्यों को सही अर्थों में प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से ध्यान एवं योग साधना अपनाने पर जोर दिया।

 

 

इससे पहले संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि नल-जल योजना के तहत संस्थान में 25 जल रक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आईटीआई बिलासपुर में विभिन्न ट्रेडों में कुल 380 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इस मौके पर संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

 

इस अवसर पर कांग्रेस नेता  विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य  जितेंद्र चंदेल, जिला परिषद सदस्य  गौरव शर्मा,  नंद प्रकाश वोहरा,  राजेंद्र सिंह ठाकुर,  आशीष ठाकुर,  निर्मला राजपूत सहित आईटीआई के अनुदेशक, प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कंडाघाट में रखी दिव्यांग शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र की आधारशिला, 200 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

सोलन । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला सोलन के कंडाघाट में दिव्यांगजन के लिए स्थापित किए जाने वाले दिव्यांगजन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समावेशी विकास और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार इस केन्द्र का शिलान्यास निर्माण कार्य लगभग 25 प्रतिशत पूर्ण होने पर ही किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिव्यांगजन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र 45 बीघा भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिसपर 200 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस केन्द्र के पहले चरण का कार्य इस वर्ष अक्तूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। केंद्र में 300 दिव्यांग बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल मैदान तथा आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने इस केन्द्र में 500 किलोवाट क्षमता की नई सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के निर्देश भी दिए।

 

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह संस्थान दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा, विशेष शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाएगा। इसके साथ ही दिव्यांगता की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों सहित समाज के वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का संकल्प सरकार ने लिया था, जिसे आज साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह दिव्यांगजनों की शिक्षा के लिए प्रदेश में अपनी तरह का पहला केन्द्र है और यह देश भर के लिए मॉडल बनकर उभरेगा।

 

उन्होंने कहा कि इस संस्थान के अंतर्गत 15 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महिलाओं के लिए कामकाजी छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण, वित्तीय सहायता, पुनर्वास सेवाएं, शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को 625 रुपये से 3,750 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में 1,150 रुपये से 1,700 रुपये तक की राशि प्रदान की जा रही है।

 

उन्होंने बताया कि विवाह के लिए 40 से 74 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर 50 हजार रुपये का विवाह अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला के हीरानगर में बौद्धिक रूप से अविकसित दिव्यांग बच्चों के लिए राज्य का पहला आवासीय विशेष विद्यालय स्थापित किया गया है, जहां 6 से 18 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। बस स्टेशनों और बसों में रैंप और रेलिंग की व्यवस्था की गई है तथा सरकारी अस्पतालों में व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में भी दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

 

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोलन अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ सुविधाओं और ट्रामा सेंटर के लिए 50 करोड़ रूपये, सिविल अस्पताल कण्डाघाट के लिए 5 करोड़ रूपये और कण्डाघाट में खेल मैदान के लिए 1 करोड़ रूपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जोगिन्द्रा बैंक के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन भी किया।

 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का सोलन विधानसभा क्षेत्र में पधारने पर स्वागत किया और क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के साथ-साथ सोलन जिला में भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए पगों की विस्तृत जानकारी दी।
विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी तथा विवेक शर्मा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोलन नगर निगम के महापौर ऊषा शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरूण शर्मा, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, निदेशक ईसोमसा सुमित खिमटा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

युवा मोर्चा हिमाचल डॉ. सन्नी शुक्ला ने प्रदेश पदाधिकारियों व कार्यकारिणी की घोषणा

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सन्नी शुक्ला ने प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत युवा मोर्चा की प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा की है। यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
घोषणा के अनुसार मुस्कान को प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं दिव्यांशी शर्मा एवं राकेश कुलेठी को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समीक्षा शर्मा एवं संदीप शर्मा को प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी तथा साक्षी भारती को सोशल मीडिया सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

 

युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में जिन सदस्यों को शामिल किया गया है, उनमें भुवन शर्मा, राकेश ठाकुर, वरुण सहगल, दिनेश राजपूत, निहाल ठाकुर, हरनाम अत्री, नरेंद्र ठाकुर, मुकेश नड्डा, रूपेंद्र ठाकुर, रोहित कौशल, कुनाल गुप्ता, संदीप चंदेल, रजनीश ठाकुर, विशाल शर्मा, सचिन नेगी, रजत गांधी, परीक्षित सांख्यान, नवनीत शर्मा, पंकज कुमार, नरेंद्र हांडा, अरुण भावटा, भूपेंद्र ठाकुर, अमन ठाकुर, वरुण शर्मा, रोहित ठाकुर, हरप्रीत सिंह, विपिन बरपा, राजन सैनी, यान चंद, विनय ठाकुर, निखिल गंगरोटा, अधिवक्ता अजय शर्मा, विश्व बंधु, भवन ठाकुर, सुरेश ठाकुर, दिलीप कुमार, विकास ठाकुर, मोनिका राणा, श्वेता ठाकुर, अर्चना नंदोली, चेतन वर्मा, अशोक शर्मा, राहुल ठाकुर, प्रिंस हिमराल, अक्षत सैनी, मोहित कुमार, रूप चंद, आदित्य कश्यप, तनकराज लक्की, विकास शर्मा, मनोज शर्मा, नितिन शर्मा, दीपक शर्मा, अमन ठाकुर, मनीष वर्मा, आकाश चौहान, दुशाला लंस्टा, पृथ्वी राज नेप्टा, रणजीत ठाकुर एवं साहिल ठाकुर शामिल हैं।

 

 


प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सन्नी शुक्ला ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि युवा मोर्चा की यह नई टीम संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करेगी तथा केंद्र व प्रदेश में भाजपा की नीतियों, विचारधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं को युवाओं के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा आने वाले समय में संगठनात्मक विस्तार, वैचारिक मजबूती और जनसरोकारों को लेकर पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।

स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत गोद लिए स्कूलों का औचक निरीक्षण करें उपायुक्त: मुख्यमंत्री

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यहां शुक्रवार सायं सभी जिला के उपायुक्तों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत ज़िला स्तर से लेकर उप-मंडल स्तर तक के विभिन्न अधिकारी शिक्षण और अन्य गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों को गोद लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में इस कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए स्कूलों की सूची पांच जनवरी, 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए।

 

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला के वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार स्कूल गोद लेंगे। वे इन स्कूलांे में प्रतिमाह छात्रों से संवाद करेंगे। उपायुक्त गोद लिए हुए स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी महीने में एक बार इन स्कूलों का दौरा कर युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें करियर और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी संबंधी जानकारी दें। उपर्युक्त व्यक्तित्व, जिन्हें स्कूल पैट्रनर्ज भी कहा जाता है, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति के साथ मिलकर शिक्षा और स्कूल की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 4,231 स्कूलों (1,950 प्राथमिक, 59 माध्यमिक, 664 उच्चत्तर और 1,558 वरिष्ठ माध्यमिक) को गोद लिया जा चुका है।

 

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान के करने लिए वचनबद्ध है ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके। इसके लिए सभी संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमज़ोर बच्चों का सही मार्गदर्शन करना है ताकि वह उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। इस पहल के माध्यम से उपायुक्त, स्थानीय स्कूल प्रबन्धन और सरकार के बीच एक सेतु का कार्य करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षा के सुधार की दिशा में दिए जा रहे बजट का सही इस्तेमाल हो।

 

अधिकारियों के शैक्षणिक संस्थानों के दौरे पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों से अवगत करवाया जाएगा और उनमें राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को मज़बूत किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के सभी ज़िलों में चिट्टा तस्करों से सम्बन्धित अवैध सम्पत्ति की विस्तृत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिट्टा तस्करों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चिट्टा तस्करों की अवैध सम्पत्ति को जब्त किया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। उन्हांेने चिट्टा कारोबार से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खि़लाफ भी समयबद्ध रूप से सख़्त कार्रवाई करने को कहा।

 

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों को उन सभी निर्माण कार्यों को अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिनका निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके दृष्टिगत समुचित धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।

 

 

मुख्यमंत्री ने विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए वन-भूमि से सम्बन्धित स्वीकृति प्रक्रिया को विशेष अधिमान देने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के चयन से सम्बन्धित पूर्ण विवरण लिया तथा इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

मित्रमंडी के प्रभाव में एक्सटेंशन पर चल रहे डीएसपी, संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा से खिलवाड़ डा. सेजल

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 
नालागढ़/सोलन। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने नालागढ़ में हुए संदिग्ध धमाके, एनआईए जांच और क्षेत्र की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ जैसे औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
डॉ. सहजल ने कहा कि पुलिस थाना नालागढ़ के समीप हुए धमाके, आसपास की इमारतों के शीशे टूटने और एनआईए व फॉरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने से यह साफ है कि मामला अत्यंत गंभीर है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार इसे सामान्य घटना बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने नालागढ़ के डीएसपी भीष्म ठाकुर की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि डीएसपी भीष्म ठाकुर जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष का एक्सटेंशन देकर नालागढ़ जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में तैनात किया गया। यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से भी और सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तरह समझ से परे है।
डॉ. सहजल ने आरोप लगाया कि डीएसपी न केवल एक्सटेंशन पर कार्यरत हैं, बल्कि वे मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के नजदीकी माने जाते हैं और अब उनके एक्सटेंशन में भी तथाकथित ‘मित्रमंडी’ का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बार-बार सवाल उठने के बावजूद न तो उनकी भूमिका की समीक्षा की जा रही है और न ही उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह अधिकारी अक्सर अवकाश पर रहते हैं, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित होता है और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में कई योग्य, युवा और सक्रिय अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण देकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में क्यों बनाए रखा गया है।
डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को मित्रों और चहेतों के हवाले कर दिया है, जिसका खामियाजा आम जनता, उद्योगपति और श्रमिक भुगत रहे हैं। नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन चुका है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने मांग की कि नालागढ़ धमाके की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाई जाए, डीएसपी स्तर की तैनातियों और एक्सटेंशन की तुरंत समीक्षा हो तथा क्षेत्र में पूर्णकालिक, सक्षम और सक्रिय अधिकारी की तैनाती की जाए।
डॉ. सेजल ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं लाई, तो भाजपा नालागढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

बच्चों और किशोरों का शोषण रोकना लक्ष्य – दिव्यांशु

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों
शिमला । बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल की अध्यक्षता में बचत भवन में आयोजित की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला में बाल मजदूरी को रोकने के लिए बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के नियमों का पालन सख्ती से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम बच्चों और किशोरों के शोषण को रोकने के लिए बनाया गया एक कानून है, जिसके तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चों को खतरनाक कामों में लगाने पर रोक है। इसके अलावा यह 14 से 18 साल के बच्चों और किशोरों की कार्य परिस्थितियों को भी नियंत्रित करता है।
जिला के सभी उप मंडल स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।  इस टास्क फोर्स के  माध्यम से अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रम विभाग हर महीने उपायुक्त कार्यालय में सूचना देंगे कि एक महीने में कितने निरीक्षण किए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिले में किसी भी संस्थान में कोई बच्चा या किशोर नियमों के विरुद्ध कार्य करता नहीं पाया जाना चाहिए, यह दंडनीय अपराध है। इस अपराध के तहत दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला टास्क फोर्स की टीम का शेड्यूल बनाकर नियमित रूप से जिले में संस्थानों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि आम जन को बाल मजदूरी के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि आम जन भी नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत सूचना प्राप्त हो सके । उन्होंने कहा कि बच्चे मां बाप के डर से बाल मजदूरी तो नहीं कर रहा है। इस तरह के मामलों को संजीदगी से देखा जाना चाहिए। मां बाप और बच्चों को जागरूक करना जरूरी है। बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए ।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा ने कहा  कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चे हर हाल में स्कूल में होने चाहिए। बाल मजदूरी किसी भी सूरत पर स्वीकार नहीं है। शिमला शहर में रिज माल रोड़, लोअर बाजार में बच्चे लोगों को सामान बेचते देखे जाते है, ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाये।
इस अवसर पर एसडीएम ठियोग डॉ शंशाक गुप्ता,  एसडीएम शहरी ओशिन, एसडीएम जुब्बल अभिषेक बरवाल,  जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, जिला  कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षक संघ की राज्य कार्यकारिणी व कार्य परिषद की बैठक शिमला में राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी व कार्य परिषद की बैठक शिक्षक भवन, शिमला में राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सबसे पहले राज्य के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश शर्मा को सभी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

 

 

बैठक में राज्य के वरिष्ठ उप प्रधान राम सिंह राव, महासचिव रजनीश कौशिक, कोषाध्यक्ष अनिल भाटिया, कार्यकारी अध्यक्ष संजय पीसी,संयुक्त सचिव दीप वर्मा, मुख्य सलाहकार चंद्र मोहन केवला, महालेखाकार तेनजिन नेगी, उप प्रधान राजेंद्र हीर, महिला विंग राज्य अध्यक्ष सुनीता शर्मा तथा सभी जिलों के अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में न्यू कंपलेक्स सिस्टम पर 23 सितंबर, 2025 को जारी अधिसूचना का पुरजोर विरोध किया गया।

 

 

यह अधिसूचना पूरी तरह से प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को तबाह करने वाली है तथा प्राथमिक शिक्षकों के हितों पर प्रत्यक्ष कुठाराघात है। प्राथमिक शिक्षक संघ इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। बैठक में 13 फरवरी, 2024 को क्लस्टर सिस्टम पर सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का समर्थन किया गया और रिसोर्स शेयरिंग के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा
देने के लिए सरकार को हर संभव सहयोग देने का निर्णय लिया गया।
जब तक हिमाचल सरकार 23 सितंबर, 2025 की अधिसूचना को वापिस नहीं लेती है, उस समय तक प्राथमिक शिक्षक संघ इस अधिसूचना का हर स्तर पर विरोध जारी रखेगा।

 

बैठक में सभी जिला मुख्यालयों में इस अधिसूचना के विरोध में रोष व आग्रह रैलियों आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन रेलियों में जिला उपायुक्त के माध्यम से हिमाचल सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे और इस अधिसूचना को वापिस लिए जाने का आग्रह किया जाएगा ‌। इन रोष रैलियों की तिथि व समय बहुत जल्दी घोषित किया जाएगा।
प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी के 4500 से अधिक ,नर्सरी टीचर्स के 6200 से अधिक व आया के 6200 से अधिक खाली पदों को जल्दी भरने की मांग की गई। जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन लिस्ट, मुख्य शिक्षक प्रमोशन पर वित्तीय लाभ, अनुबंध पर कार्य कर रहे शिक्षकों का एक वर्ष में दो बार नियमितीकरण करने, इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर किए जाने तथा जेबीटी से शारीरिक शिक्षक शास्त्री व अन्य पदों पर प्रमोशन का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

 

 

प्राथमिक स्कूलों में ऑनलाइन कार्य के लिए आगामी 1 महीने में इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाने की मांग दोहराई गई तथा इस विषय में विभाग की उदासीनता पर चिंता प्रकट की गई। यदि विभाग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं करवाता है तो प्राथमिक शिक्षक ऑनलाइन कार्य बंद करने के लिए विवश होंगे।
रमेश शर्मा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 11 जिलों के अध्यक्षों की सूची की जारी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

शिमला । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हिमाचल प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। यह सूची कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी की गई है। जारी आदेश के अनुसार मंडी जिला से चंपा ठाकुर, कांगड़ा से अनुराग शर्मा, हमीरपुर से सुमन भारती शर्मा और लाहौल-स्पीति से दोरजे अंगरुप को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है। कुल्लू जिले की जिम्मेदारी सेस राम आजाद को सौंपी गई है।

इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को लेकर ओलेक्ट्रा कंपनी के साथ करार

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आलर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला । हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने वाली बसों के लिए निगम प्रबंधन ने ओलेक्ट्रा कंपनी के साथ करार किया है। निगम में अब नई बसों के रंग में भी परिवर्तन किया गया है। अब नई बसों का रंग पूरी तरह से हरा किया गया है। इन बसों की कीमत 1.71 करोड़ तय की गई है। इन बसों की खास बात यह है कि इसकी बैटरी बैकअप पहले से भी बेहतर बनाया जा रहा है। पहले जहां पुरानी बसों को चार्ज करने के लिए करीब दो घंटे का समय लग रहा था वहीं अब नई बसों में आधे घंटे के भीतर चार्जिंग होनी सुनिश्चित की जा रही है। ओलेक्ट्रा कंपनी को निगम प्रबंधन ने हालांकि इसी माह 9 जनवरी तक बसों को डिलीवर करने को लेकर आर्डर जारी किए हैं लेकिन अभी इन बसों को आने में और अधिक समय लग सकता है। निगम के बेड़े में निगम प्रबंधन द्वारा लोगों की सुविधा के लिए 270 इलेक्ट्रिक बसें लाई जा रही है।

इन नई बसों के फिचर पहले लाई गई इलेक्ट्रिक बसों के काफी अलग होंगे। नई इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर 220 से 250 किलोमीटर तक चलेंगी। पहले जहां कंपनी 180 किलोमीटर रेंज वाली बैटरी दे रही थी, वहीं अब बैटरी क्षमता में जबरदस्त इजाफा किया गया है। खास बात यह है कि ये बसें सिर्फ 30 मिनट में फुल चार्ज हो जाएंगी। जिससे बार-बार चार्जिंग की झंझट से यात्रियों और निगम—दोनों को राहत मिलेगी। निगम की इन नई इलेक्ट्रिक बसों की डिलीवरी से पहले दो बसें हिमाचल में ट्रायल के लिए भेजी जा रही है। पहले इन बसों को राज्य के ऊंचे क्षेत्रों में ट्रायल किया जाएगा। जल्द ही इन बसों के हिमाचल आने की उम्मीद है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को लेकर ओलेक्ट्रा कंपनी के साथ करार किया है। नई बसें पहले लाई गई बसों के काफी ज्यादा हाईटैक होंगी जिससे लोगों को पहले से ज्यादा आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी। ज्यादा रेंज और फास्ट चार्जिंग के साथ एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें हिमाचल के परिवहन को नई रफ्तार देंगी। वर्ष 2026 में प्रदेश के लाखों यात्रियों को इन बसों की यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।

इलेक्ट्रिक बस निर्माण में अग्रणी ओलेक्ट्रा
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड भारत में इलेक्ट्रिक बस निर्माण और इंसुलेटर के क्षेत्र में अग्रणी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति ओलेक्ट्रा के दृष्टिकोण ने समाज के लिए नवोन्मेषी समाधान विकसित करके एक नए चरण को जन्म दिया है। अपने मिशन के अंतर्गत, ओलेक्ट्रा ने आधुनिक हरित प्रौद्योगिकी की दिशा में विकास का मार्ग अपनाया है।

32 फास्ट चार्जिंग स्टेशन भी फ्री
बैटरी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी ने बड़ा तोहफा भी दिया है। 32 फास्ट चार्जिंग स्टेशन फ्री दिए जा रहे हैं। इनमें से 12 स्टेशन हिमाचल पहुंच चुके हैं। इन बसों को आधे घंटे में फुल चार्ज होने को लेकर तैयार किया जा रहा है। बैट्री बैकअप को बढ़ाने के लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा बाहर के देशों से भी तकनीकी को शेयर करने को लेकर संपर्क किया जा रहा है।

Shoolini University

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