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मेलों से संस्कृति, भाईचारे और लोक विरासत को मिलता है बढ़ावा : विक्रमादित्य सिंह

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ग्रहणेश्वर मेला कमेटी देवठी, शिलाघुंड द्वारा आयोजित रिहाली मेला के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों का भी स्वागत किया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मेले में स्थानीय लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों, लोकगायकों, जनप्रतिनिधियों और देवता कमेटियों के प्रतिनिधियों की भागीदारी आपसी भाईचारे को मजबूत करती है तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है।

 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जमीनी एवं प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी मिली है। विभिन्न विभागों के डिविजन अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्रों में होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समग्र विकास के लिए मजबूत एवं सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढांचा आवश्यक है।

 

मंत्री ने बताया कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण पर करीब 130 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बागड़ी लिंक रोड का निर्माण भी शामिल है, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तथा टेंडर और अवार्ड प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा करगोली नाला-चंबल सड़क पर 10 करोड़ रुपये, कुठार-कनौरी सड़क पर 9.5 करोड़ रुपये तथा बासाधार-ज्ञानकोट सड़क पर 9.7 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। छैला-सैंज-नेरी पूल-यशवंत नगर सड़क के लिए 239 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

 

 

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से सड़क निर्माण के लिए भूमि दान कर सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने घोषणा की कि जो व्यक्ति 10 बीघा से अधिक भूमि सड़क निर्माण के लिए दान करेगा, उसके नाम पर सड़क का नाम रखा जाएगा।

 

विक्रमादित्य सिंह ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा हर ठोडा दल को 10-10 हजार रुपये तथा स्कूली विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए भी सहयोग देने की घोषणा की।

 

इस अवसर पर राणा विक्रम सिंह, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मोकटा, मेला कमेटी अध्यक्ष अर्जुन देव सिंह, बजीर दौलत राम चंदेल, चेत राम चंदेल, स्थानीय पंचायत बगेंन के प्रधान राजेश चंदेल, डमियाना पंचायत प्रधान लायक राम चौहान, हरिमन कपरेट, जीत राम वर्मा, काली राम चंदेल, सोहन वर्मा, कृतिका सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश कंवर, मनमोहन शर्मा, सोनू चंदेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच: रोहड़ू में खेल छात्रावास शुरू, 2.5 करोड़ के स्थाई भवन को मिलेगी रफ्तार

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

रोहडू । शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने औ) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोहड़ू में खेल छात्रावास का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि खेल छात्रावास के स्थाई भवन को पूरा करने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और जल्द ही 50 लाख रुपये जारी कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।

 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि रोहड़ू खेल छात्रावास की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और लगभग 25 वर्षों तक यह निजी भवन में संचालित होता रहा। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के खाली भवन को खेल छात्रावास के लिए स्वीकृत किया गया। भवन के त्वरित कायाकल्प पर लगभग 21 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें जीर्णोद्धार पर 11 लाख, खेल उपकरणों पर 5 लाख तथा बिस्तर एवं फर्नीचर पर 5.50 लाख रुपये शामिल हैं।

 

उन्होंने कहा कि स्थाई खेल छात्रावास भवन की संशोधित लागत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। वर्तमान में यहां फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है तथा दोनों खेलों के लिए 20-20 सीटें स्वीकृत हैं। कबड्डी का प्रशिक्षण शुरू करने के लिए भी हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

 

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पहले 8 खेल छात्रावास संचालित होते थे, जबकि वर्तमान सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 11 कर दी है। उन्होंने कहा कि आज खेल बेहतर करियर विकल्प बन चुका है और हिमाचल के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। खेल कोटे के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

 

शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार

 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। शिक्षा विभाग में अब तक लगभग 9 हजार पद भरे जा चुके हैं और 12 हजार से अधिक पद भरने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचा है।

 

उन्होंने बताया कि पहले चरण में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है तथा आगामी चरण में 150 और विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

 

रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने तथा विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पद भरने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालय में बहुउद्देशीय हॉल और अतिरिक्त भवन की मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। छौहारा क्षेत्र में सीबीएसई विद्यालय खोलने तथा अन्य रिक्त पदों को भरने संबंधी मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

विद्यार्थियों से किया संवाद

 

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की कमी, सभागार तथा कबड्डी मैट सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों की मांगें सुनीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार स्वयं को अपडेट करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों द्वारा उठाई गई मांगों पर उन्होंने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

 

विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने शिक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि रोहित ठाकुर के शिक्षा मंत्री बनने के बाद रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने छौहारा विकासखंड में सीबीएसई विद्यालय शुरू करने सहित क्षेत्र की विभिन्न मांगें शिक्षा मंत्री के समक्ष रखीं।

 

घ्यान राईका संपर्क सड़क का भूमि पूजन

 

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरस्वतीनगर में घ्यान राईका संपर्क सड़क का भूमि पूजन भी किया। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि यह सड़क सरस्वतीनगर, कठासू और बढ़ाल पंचायतों के लोगों के आवागमन तथा बागवानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

 

रोहड़ू में सुनी जनसमस्याएं

 

रोहड़ू प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने परिधि गृह में स्थानीय लोगों की समस्याएं एवं मांगें सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

कार्यक्रम में रोहड़ू मंडल अध्यक्ष शिवपाल ठाकुर, जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, नगर परिषद रोहड़ू अध्यक्ष प्यारे लाल आजाद, उपाध्यक्ष जितेंद्र चौहान, पार्षदगण, पंचायत समिति अध्यक्ष रोहड़ू ज्ञानपति, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, अतिरिक्त निदेशक शिक्षा योगेश चौहान, उपनिदेशक शिक्षा लेखराज भारद्वाज, निशा भलूनी, विद्यालय प्रधानाचार्य अजीत वर्मा सहित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हिमाचल के राजनीतिक इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार चला रहे मुख्यमंत्री सुक्खू : डॉ. राजीव बिंदल

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

नाहन। नाहन विधानसभा क्षेत्र के कटासन माता मंडल में सड़कों की बदहाल स्थिति और मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने माजरा की सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के बजाय मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और उनके मित्र अपने हित साधने में लगे हुए हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाई-भतीजावाद और मित्रवाद को बढ़ावा मिला है, जबकि आम जनता सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। कई क्षेत्रों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी है कि यह तय करना मुश्किल है कि “सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।

 

उन्होंने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन परियोजनाओं की स्थिति बेहतर है, लेकिन प्रदेश सरकार के नियंत्रण वाली सड़कों की मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

 

“बिजली आती कम, जाती ज्यादा और बिल चार गुना”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बिजली व्यवस्था पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली की समस्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “बिजली आती कम है, जाती ज्यादा है और बिल चार गुना आ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में चरमरा गई है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

 

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता त्रस्त है और सरकार अपने मित्रों की सेवा में मस्त है।

 

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद जनहित में चल रहे अनेक संस्थानों को बंद करने का काम किया और अब विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जनता के बीच सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि कटासन माता मंडल में हुआ प्रदर्शन केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रदेशभर में जनता के बीच बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है। प्रदर्शन में लोगों ने सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाते हुए जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा प्रदेश की जनता की सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को उसकी नीतियों और कार्यप्रणाली के लिए जनता के प्रति जवाबदेह बनाना भाजपा का दायित्व है और पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी।

 

 

राष्ट्रगीत के अपमान पर भाजयुमो का शंखनाद, कांग्रेस के खिलाफ प्रदेशभर में उग्र आंदोलन की चेतावनी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के घोर अनादर और अपमान के खिलाफ आज भारतीय जनता युवा मोर्चा ने पूरे देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर प्रचंड शंखनाद कर दिया है। शिमला स्थित प्रदेश कार्यालय से भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष  सनी शुक्ला  ने हुंकार भरते हुए राज्य की युवा-विरोधी सुखू सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। जिलों में सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का हुजूम उतर रहा है , गूँजा ‘वंदे मातरम’
सनी शुक्ला ने तेवर दिखाते हुए कहा:

“राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ 140 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अमर प्रतीक है। कांग्रेस द्वारा किए गए इसके अपमान को भाजयुमो का एक भी सिपाही सहन नहीं करेगा। भाजयुमो के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आज हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यालयों की ईंट से ईंट बजा दी गई है।”

उन्होंने कहा कि हजारों युवा कार्यकर्ता आज सड़कों पर सीना ठोककर उतरे रहे हैं और जिला कांग्रेस दफ्तरों के ठीक बाहर पूरे गर्व और आक्रमकता के साथ ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन कर रहे हैं। यह राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कांग्रेस की घटिया और संकीर्ण मानसिकता को उखाड़ फेंकने का सीधा ऐलान है।
. राहुल गांधी की घटिया बयानबाजी का मुंहतोड़ जवाब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों की निंदा करते हुए सनी शुक्ला  ने चेतावनी दी:

“लगातार मिल रही हार की बौखलाहट में राहुल गांधी अपनी राजनीतिक मर्यादा खो चुके हैं। देश के सबसे लोकप्रिय जननेता के खिलाफ इस प्रकार की औछी और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल हिमाचल का स्वाभिमानी युवा कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी की इस ओछी राजनीति का जवाब देने के लिए भाजयुमो का हर कार्यकर्ता मैदान में डटा हुआ है।”

 

सुखू सरकार की उल्टी गिनती शुरू: युवाओं से छलावा बर्दाश्त नहीं
प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए  सनी शुक्ला ने इसे ‘निकम्मी और युवा-विरोधी सरकार’ करार दिया:रोजगार पर डाका: सत्ता में आने के लिए किए गए लाखों नौकरियों के वादे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। न नई भर्तियां निकाली जा रही हैं और न ही लंबित परिणाम घोषित हो रहे हैं।

 

योजनाएं पूरी तरह ठप: युवा कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़ी तमाम योजनाएं बंद पड़ी हैं, जिससे प्रदेश का युवा ठगा हुआ और आक्रोशित महसूस कर रहा है।
सनी शुक्ला जी ने हुंकार भरते हुए कहा।

 

“यह सरकार ‘सुख’ के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन इसने युवाओं को केवल बेरोजगारी और मानसिक प्रताड़ना का ‘दुख’ दिया है। अगर सुखू सरकार ने तुरंत संज्ञान लेकर युवाओं के हित में ठोस कदम नहीं उठाए, तो भाजयुमो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में ऐसा उग्र जनांदोलन खड़ा करेगा जिसकी गूँज से सरकार की नीवें हिल जाएँगी।

“आर-पार की जंग का संकल्प

वक्तव्य के अंत में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन राष्ट्र के मान-सम्मान और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगा। यदि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के अपमान पर तुरंत सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो यह आंदोलन और अधिक विकराल रूप धारण करेगा।

नेता प्रतिपक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, विकसित भारत के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला  ।  विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हमें विभाजन के रूप में एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान का निर्माण तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक विफलता का परिणाम था।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का साहसिक निर्णय लिया है। हमें अपने इतिहास और उस दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए। इतिहास को याद करने का उद्देश्य गड़े मुर्दे उखाड़ना नहीं, बल्कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर उन्हें दोबारा न दोहराना है।

 

जयराम ठाकुर ने कहा कि विभाजन के कारण डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और लाखों लोगों की जान चली गई। यह मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी। एक पल में अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हुए लोगों पर क्या बीती होगी, इसकी आज कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि विभाजन केवल जमीन पर खींची गई एक रेखा नहीं थी, बल्कि मानवता के सीने पर लगा ऐसा घाव था, जिसके निशान आज भी कायम हैं। इसने देश की सीमाओं के साथ-साथ हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया।

 

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि यह दिवस सामाजिक विभाजन और वैमनस्य के जहर को दूर करने, एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हम आज़ादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन विभाजन का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने में मौजूद है। हमें अपने इतिहास से सीख लेते हुए एकजुट होकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

 

 

जयराम ठाकुर ने प्रदेश वासियों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी

 

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए अपने आवास पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का यह पावन पर्व हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को और मजबूत करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने तथा विकसित भारत@2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने 4,967 लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

हमीरपुर  ।  बड़सर में आयोजित 80वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 4,967 पात्र लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की।

 

विवाह सहायता योजना के तहत 1,758 लाभार्थियों को 8.98 करोड़ रुपये, जबकि शिक्षा सहायता योजना के तहत 2,788 लाभार्थियों को 7.89 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 17 लाभार्थियों को चिकित्सा सहायता के तौर पर 3.54 लाख रुपये दिए गए।
इसी प्रकार, मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता योजना के तहत 60 लाभार्थियों को 1.49 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जबकि 109 लाभार्थियों को मातृत्व एवं पितृत्व सहायता योजना के तहत 38.02 लाख रुपये दिए गए।

 


68 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए 89.77 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दिव्यांग सहायता योजना के तहत 63 लाभार्थियों को 12 लाख रुपये दिए गए। वहीं 61 एकल, परित्यक्त एवं दिव्यांग महिलाओं को 61 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। शिशु जन्म उपहार योजना के तहत 39 लाभार्थियों को 19.89 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए 77 वर्षीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र कंवर को भी सम्मानित किया। डॉ. कंवर ने अपनी 80 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की पूरी चल एवं अचल संपत्ति डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हमीरपुर को दान कर दी है।

 

मुख्यमंत्री ने डॉ. कंवर के इस सराहनीय एवं अनुकरणीय कदम की प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक प्रतिबद्धता और मानव सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बताया।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को भी सम्मानित किया तथा इस अवसर पर ‘वो रुका नहीं’ गीत का लोकार्पण किया।

 

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए तथा राज्य स्तरीय समारोह में उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना की।-0-

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने ध्वजारोहण कर ली परेड की सलामी

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

कुल्लू । 80वां स्वतंत्रता दिवस कुल्लू में ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता उद्योग, संसदीय मामले, श्रम एवं रोजगार मंत्री, हर्षवर्धन चौहान ने की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा भव्य परेड की सलामी ली। हिमाचल प्रदेश पुलिस , भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, ज़िला रेड क्रॉस यूनिट, डीडीएमए तथा रोवर्स एंड रेंजर्स की टुकड़ियों ने शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत किया।

 

 

उद्योग मंत्री ने प्रदेशवासियों तथा जिला कुल्लू के लोगों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों तथा देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के वीर सपूतों ने देश की रक्षा, अखंडता और स्वतंत्रता आंदोलन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है।

 

व्यवस्था परिवर्तन से जनकल्याण की ओर

 

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार का प्रयास किसानों, बागवानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।

 

उन्होंने कहा कि विरासत में मिले भारी-भरकम कर्ज की चुनौती के बावजूद प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार ने पहले दिन से ही जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाया है।

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि-बागवानी को मजबूती

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दूध और कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है। गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये तथा भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

 

प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये, पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये तथा पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से 3,000 करोड़ रुपये की एचपी-शिवा परियोजना के तहत सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जिससे 10,646 किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है तथा जल्द ही नई बागवानी नीति लागू की जाएगी, जिससे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।

 

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल

 

उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है तथा 156 स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है।

 

इंदिरा गांधी सुख-शिक्षा योजना के तहत विधवा तथा दिव्यांग माता-पिता के बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक एक हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं 18 से 27 वर्ष की आयु तक आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक और चमियाना अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की लागत में उपलब्ध करवाई जा रही है। निर्धन परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की नई नीति भी लाई जा रही है।

 

सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास पर जोर

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 27 वर्ष तक की आयु के 6,000 बेसहारा बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के वन क्षेत्र को वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए ‘मिशन 32 प्रतिशत’ और ‘राजीव गांधी वन संवर्धन योजना’ शुरू की गई है। पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से होने वाली आय का 25 प्रतिशत हिस्सा अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण पर खर्च किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुल्लू जिला भी पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है और सरकार जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

नशा-मुक्त हिमाचल का संकल्प

 

उद्योग मंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार द्वारा कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए जल्द ही ‘खेलों हिमाचल चिट्टा-मुक्त अभियान’ शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट लागू किया गया है। नशे से संबंधित सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है।

 

कुल्लू जिला में विकास की गति तेज

 

जिला कुल्लू में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जिले के छह प्रतिष्ठित विद्यालयों में सीबीएसई कक्षाएं शुरू की गई हैं। 38 विद्यालयों में इंटरनेट, कंप्यूटर और फर्नीचर से सुसज्जित डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीनिवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा के 350 मेधावी विद्यार्थियों को 16-16 हजार रुपये के रिडेम्पशन वाउचर प्रदान किए जा रहे हैं। आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 60.58 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में जिले में अब तक 40 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों, 56 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज तथा 92 किलोमीटर सड़कों की टारिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।

पीएमजीएसवाई-4 के तहत जिले की 65 सड़कों के निर्माण के लिए 576 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ब्यास नदी पर पीरड़ी में 28.35 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण तथा मनाली के समीप रांगड़ी पुल के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में पेयजल योजनाओं पर 8.40 करोड़ रुपये, सिंचाई पर 73 लाख रुपये तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर 25.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अमरुत-2.0 के तहत भुंतर की 22 करोड़ रुपये की शहरी पेयजल योजना पर कार्य जारी है। जिले में 1,250 नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि मानसून 2025 के दौरान हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज जारी किया गया। इसके तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 544 मकानों के प्रभावित परिवारों को 14.69 करोड़ रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 1,333 मकानों के परिवारों को 12.04 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

 

समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं और सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, नृत्य, सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों ने समारोह में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 

 

समारोह में मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़,बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष ठाकुर दास, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी रॉय, एडीएम कुल्लू सुरजीत कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी सचिव चंद्रकेश शर्मा, ग्रामीण विकास बैंक निदेशक किशन ठाकुर, कांग्रेस उपाध्यक्ष संजीव धर, इंटक के खिमी राम, बीडीसी अध्यक्ष भून्तर राम प्रसाद, ब्लॉक अध्यक्ष कुल्लू गोपाल ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष बंजार मोहर सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ओपन वॉलीबॉल टूर्नामेंट में लव ब्रदर शिमला ने जीता खिताब, बालीचौकी की टीम रही उपविजेता

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

केलांग‌ । जनजातीय मेला-2026 के तहत आयोजित ओपन वॉलीबॉल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल, जोश और खेल भावना का प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बालीचौकी की टीम और लव ब्रदर शिमला के बीच खेला गया, जिसमें लव ब्रदर शिमला की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन सेटों में जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया।

 

फाइनल मुकाबले में लव ब्रदर शिमला के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल, आक्रामक खेल और मजबूत रणनीति का प्रदर्शन करते हुए बालीचौकी की टीम को सीधे तीन सेटों में पराजित किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले और दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

 

टूर्नामेंट में कुल 8 टीमों ने पंजीकरण करवाया, जबकि फाइनल सहित कुल 7 मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता के विजेता लव ब्रदर शिमला को ₹41,000 नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि उपविजेता बालीचौकी टीम को ₹21,000 नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पुरस्कार वितरण समारोह में उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना और एसडीएम केलांग कुनिका ऐकर्स ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान विजेता टीम के खिलाड़ियों को 8 स्वर्ण पदक, उपविजेता खिलाड़ियों को 10 रजत पदक तथा प्रतिभागियों को 18 टी-शर्ट भी प्रदान की गईं।

 

उपायुक्त किरण भड़ाना ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का बेहतर अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना को बनाए रखते हुए भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

 

एसडीएम कुनिका ऐकर्स ने भी सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय मेला जैसे आयोजनों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करता है।

 

टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी टीमों, खिलाड़ियों, निर्णायकों एवं सहयोगी टीमों का आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता ने जनजातीय मेला-2026 के आयोजन में खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह और प्रतिभा को एक नई पहचान देने का कार्य किया।

कंडा जेल में ध्यान से बदली बंदियों की सोच, आर्ट ऑफ लिविंग का चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम संपन्न

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों

शिमला। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा, शिमला में चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 30 बंदी भाइयों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने चार दिनों तक मौन साधना का पालन किया।

 

प्रशिक्षण का संचालन तृप्ता शर्मा ने किया। उन्होंने बंदी भाइयों को ध्यान, प्राणायाम एवं एडवांस मेडिटेशन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में उषा शर्मा तथा आशीष आचार्य ने सहायक प्रशिक्षक के रूप में सहयोग दिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को विभिन्न योग मुद्राएँ, ज्ञान मुद्राएँ, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियाँ सिखाई गईं।

 

 

बंदी भाइयों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं आंतरिक संतुलन का अनुभव हुआ। कोर्स खत्म होने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए एक बंदी भाई ने बताया कि जेल आने के बाद से उसे कई महीनों से नींद नहीं आती थी और वह लंबे समय से नशे का आदी था। कोर्स करने के बाद उसकी नींद में सुधार हुआ और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक परिवर्तन महसूस हुआ। एक अन्य बंदी ने बताया कि नियमित साधना एवं ध्यान के अभ्यास से उसकी स्वास्थ्य स्थिति में स्थिरता आई है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा, शिमला के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट अनिल कंवर ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

 

 

कोर्स के समापन अवसर पर कारागार में बेंगलुरु आश्रम से खास तौर पर हिमाचल पहुंचे स्वामी गुरुकृपानन्द जी और वेद पंडित निशांत और अरुण ने वैदिक परम्परा व मंत्रोचारण के साथ रुद्राभिषेक किया । इस मौके पर सत्संग का आयोजन भी किया गया । जिसमें आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्यों, जेल स्टाफ और कारागार के बंदी भाइयों ने खूबसूरत भजन गाकर माहौल को भक्तिमयी बना दिया । भजन संध्या का कारागार स्टाफ और बंदियों ने खूब लुत्फ उठाया ।

ऑकलैंड हाउस स्कूल में लोअर प्राइमरी विभाग की प्रदर्शनी आयोजित

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आदर्श हिमाचल ब्यूरों 

 

शिमला । ऑकलैंड हाउस स्कूल के लोअर प्राइमरी विभाग, जिसमें नर्सरी से फॉर्म II तक की कक्षाएँ शामिल हैं, द्वारा एक आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में नन्हे विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और सीखने की क्षमता को विभिन्न सुंदर एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

 

इस अवसर पर एस.पी.एस. की प्रधानाचार्या  सरला कांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें सीखने और नई चीज़ों को खोजने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और सीख को प्रस्तुत करने का सुंदर अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत एवं उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

Shoolini University

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