350 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश करने वाले शख्स को जान से मारने की धमकियां, आए दिन अज्ञात कर रहे पीछा 

6 बैंको की शिकायत पर सीबीआई कर रही है पंजाब बासमती लिमिटेड के निदेशकों के फ्रॉड की जांच, दोनों भाई है सीबीआई की गिरफ्त में

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
चंडीगढ़। पंजाब के अमृतसर जिले में जानी मानी कम्पनी पंजाब बासमती लिमिटेड के निदेशकों ने अमृतसर के केनरा बैंक व पांच अन्य बैंको को 350 करोड़ से भी अधिक का चुना लगा दिया जिसकी शिकायत सभी ठगे गए बैंको की और से पुलिस कमिश्नर व सीबीआई को की गई थी जिसके बाद सीबीआई की टीम इस बड़े घोटाले की जांच कर रही है |
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इस बड़े घोटाले का पर्दाफ़ाश करने वाले मानव अधिकार व राइट टू इन्फॉर्मेशन (आरटीआई ) कार्यकर्ता गुरमीत सिंह बबलू व उसके परिवार को आरोपियों की और से लगातार धमकिया मिल रही है कई बार नकाबपोश उसका पीछा कर चुके है जिसकी शिकायत गुरमीत सिंह अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ,सीबीआई ,पंजाब पुलिस प्रमुख ,पंजाब के मुख्यमंत्री ,गृह मंत्रालय ,व गृह मंत्री अमित शाह को भी कर चुके है लेकिन आज तक गुरमीत व उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर कोई इंतज़ाम नहीं किये गए | गुरमीत सिंह का कहना है कि अगर जनता के पैसे लूटने से बचाने का यह इनाम मिलता है तो कोई भी भविष्य में भ्रष्टाचार या घोटालो को लेकर आवाज़ नहीं उठाएगा | 
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरमीत सिंह ने बताया कि केनरा बैंक की और से अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को 30 जुलाई 2018 में दी शिकायत में पंजाब बासमती लिमिटिड के निदेशक कुलविंदर सिंह मक्खनी ,कम्पनी में निदेशक उसकी पत्नी जसमीत कौर व मंजीत सिंह मक्खनी ने तरनतारन रोड पर स्थित केनरा बैंक की शाखा से 120  करोड़ की बैंक लिमिट बनवाई थी | इसके अलावा  रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की योजना कंसोर्टियम फाइनांस स्कीम के तहत कार्ट रोड की आईडीबीआई शाखा ,कुंदन प्लाज़ा की आंध्रा बैंक शाखा ,सिविल लाइन अमृतसर की ुको बैंक शाखा ,चौंक फवारा की यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिआ शाखा व रंजीत एवेन्यू स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स शाखा से भी करीब 100 करोड़ की बैंक लिमिट बनवाई |
बैंको में सिक्युरिटी के रूप में कुलविंदर सिंह ने अपनी सम्पति ,गोदाम ,को गिरवी  (मॉडगेज )रखा था और बैंक का सारा कर्ज चुकाने का शपथपत्र दिया था जबकि पैड़ी व राइस का सारा स्टॉक हाइपोथाइजेशन किया गया था \
बैंको की और से कई बार पत्र भेजने पर भी कुलविंदर व अन्य आरोपियो ने बैंको का कर्ज नहीं लौटाया तो केनरा बैंक की ओ से 22 मई 2018 को बासमती राइस लिमिटिड के निदेशकों को कानूनी नोटिस भेजा गया | जवाब नहीं मिलने पर केनरा बैंक ने कम्पनी को 25 अप्रैल 2018 को एनपीए घोषित कर दिया ,आंध्रा बैंक ने 31 मार्च 2018 को आईडीबीआई बैंक ने भी 31 मार्च 2018 को ,ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स ने 27 जून 2018 को यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने 30 अप्रैल को यूको  बैंक ने भी 31 मार्च 2018 को कम्पनी को एनपीए घोषित कर दिया | 
एनपीए घोषित करने से पहले सभी बैंक अधिकारियों ने 29 मार्च 2018 को संयुक्त मीटिंग की जिसमे निर्णय लिया गया कि सभी बैंक अधिकारी पंजाब राइस लिमिटिड का स्टॉक चैक करेंगे व कम्पनी के लेन देन की जांच करेंगे | जब बैंक अधिकारी कुलविंदर की कम्पनी में पहुंचे तो कुलविंदर व अन्य ने उन्हें भीतर जाने ही नहीं दिया |
बैंको को एक अज्ञात पत्र मिला जिसमे बतया गया कि कुलविंदर सिंह मक्खनी सारा स्टॉक बेच चुका है जिसके लिए उसने बाबा कमीशन एजेंट के नाम से एचडीएफसी बैंक में करंट एकाऊंट खोला था यह भी पता  अन्य खाता सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटिड की शाखा में भी खोला गया और सारा पैसा ट्रान्जेक्ट हुआ है |
गुरमीत सिंह ने बताया कि बैंको से हुई ठगी में बैंक प्रबंधको की भी मिलीभगत है जिसकी जांच होनी चाहिए \ उन्होंने कहा कि ऊँची पहुँच होने के चलते अभी तक कुलविंदर सिंह व ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है | उनका कहना था कि जब तक आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुँच जाते उनका प्रयास जारी रहेगा |
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