आदर्श हिमाचल ब्यूरो
हमीरपुर। कोरोना को हराने वाले जिला हमीरपुर के नौ लोगों को सोमवार को उनके घर भेज दिया गया, जहां वे गृह संगरोध में रहेंगे। एनआईटी परिसर में स्थित जिला कोविड केयर केंद्र में उपचाराधीन इन लोगों की फॉलोअप रिपोर्ट रविवार को नेगेटिव आई थी। कोरोना की जंग जीतने पर इन्हें शुभकामनाएं देते हुए उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि जिला में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने तथा आम जनता को जागरुक करने में यह लोग सक्रिय योगदान दे सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिला में कोरोना संक्रमित लोगों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही है और सोमवार दोपहर तक जिला में स्वस्थ होने वालों की संख्या 186 तक पहुंच चुकी है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना सोनी ने बताया कि जिला में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए लोगों का पता लगाने के लिए नियमित रूप से सैंपल लिए जा रहे हैं। 5 जुलाई तक जिला से कुल 12,325 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। रविवार को जिला से 66 सैंपल लिए गए, जिन्हें सोमवार को जांच के लिए आईएचबीटी पालमपुर भेज दिया गया। इनमें 18 सैंपल कोविड केयर केंद्र एनआईटी से, टौणी देवी से 6, बड़सर से 38, मेडिकल कालेज हमीरपुर तथा भोटा से 2-2 सैंपल भेजे गए हैं।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि पीएमजीएसवाई के प्रथम चरण में जिला में कुल 760 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण किया जाना था, जिसमें से करीब 628 किलोमीटर सडक़ें बनाई जा चुकी हैं। योजना के दूसरे चरण में 80 किलोमीटर से अधिक सडक़ों के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 73 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत निर्मित सडक़ों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जाता है और इसके लिए उच्च मानक तय किए गए हैं। नई सडक़ के निर्माण से लेकर इसे पक्का करने तथा उसके बाद पांच वर्षों तक उसके रखरखाव एवं मरम्मत को लेकर ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाती है। इन उच्च मानकों के कारण आज दूरदराज के गांवों में भी अच्छी और पक्की सडक़ों का निर्माण सुनिश्चित हो रहा है।






